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    भ्रष्‍टाचार पर EOU की बड़ी कार्रवाई: ग्रामीण कार्य व‍िभाग के इंजीनियर गोपाल कुमार के 4 ठिकानों पर छापेमारी

    Updated: Sat, 16 May 2026 09:44 AM (IST)

    बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामल ...और पढ़ें

    HighLights

    1. ग्रामीण कार्य विभाग इंजीनियर गोपाल कुमार पर कार्रवाई।

    2. आय से 81% अधिक संपत्ति का खुलासा।

    3. पटना और जमुई में 4 ठिकानों पर छापेमारी।

    राज्‍य ब्‍यूरो, पटना। ब‍िहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी है। एक-एक कर भ्रष्‍ट अफसरों पर आर्थिक अपराध इकाई का शिकंजा कस रहा है। 

    अब ग्रामीण कार्य प्रमंडल का इंजीनियर गोपाल कुमार रडार पर आया है। उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने कार्रवाई की है।

    आय से 81 प्रत‍िशत से ज्‍यादा संपत्‍त‍ि 

    जांच में उनके पास ज्ञात आय से करीब 2 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति मिलने के प्रारंभिक साक्ष्य मिले हैं, जो आय से लगभग 81.5% अधिक बताई गई है। 

    मामले में ईओयू थाना कांड संख्या-08/26 दर्ज कर विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से सर्च वारंट लिया गया। इसके बाद शुक्रवार को पटना और जमुई समेत 4 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई। 40 लाख बरामद किए जा चुके हैं। 

    जमुई समेत चार ठिकानों पर रेड 

    ग्रामीण कार्य प्रमंडल झाझा के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के ठिकानों पर वरीय अधिकारियों की निगरानी में जांच-पड़ताल की जा रही है।  

    उनके कार्यालय और आवास पर छानबीन चल रही है। छापेमारी की कार्रवाई पूरी होने के बाद ईओयू मामले में पूरी जानकारी साझा करेगी।  

    पटना में ज्‍योत‍िपुरम स्‍थि‍त जगत विला अपार्टमेंट स्‍थ‍ित फ्लैट, कंकड़बाग के पूर्वी इंदिरा नगर रोड नंबर चार स्‍थ‍ित आवास, जमुई केकेएम कॉलेज के पास क‍िराये के मकान एवं झाझा स्‍थ‍ित कार्यालय में तलाशी ली जा रही है। 

    रिश्वतखोरी पर सख्ती, निगरानी ने चार महीने में दर्ज किए 50 केस

    इधर बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई निरंतर बढ़ रही है। अकेले 2026 के चार महीनों में निगरानी ब्यूरो ने चार महीने और 12 दिन के अंदर 50 ट्रैप किए।

    बीते पांच वर्षो में इसे ब्यूरो की तेज कार्रवाई बताया जा रहा है। निगरानी ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल 2025 में पूरे साल में 101 ट्रैप केस दर्ज हुए थे, जबकि इस साल मई के पहले ही 50 मामले सामने आ चुके हैं।

    औसतन हर महीने करीब 12 से 13 कार्रवाई हो रही है। ब्यूरो का दावा है कि सबसे ज्यादा कार्रवाई पुलिस विभाग में हुई है, जहां 10 मामले दर्ज किये गये। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में आठ मामले सामने आए।

    स्वास्थ्य और पंचायती राज विभाग में भी चार-चार ट्रैप केस दर्ज किए गए। इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई पांच लाख रुपये रिश्वत मामले में हुई।

    युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के एक सहायक निदेशक को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था।

    ब्यूरो के अनुसार अब तक 47 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 17.88 लाख रुपये रिश्वत की रकम बरामद की गई है।

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