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    Sankalp Sindhu Darshan Yojana: कम खर्च में लद्दाख घूमने का मौका, बिहार सरकार दे रही ₹20 हजार की सब्सिडी

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 05:38 PM (IST)

    बिहार सरकार ने "सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना 2026" शुरू की है, जिसके तहत राज्य के निवासियों को लद्दाख में सिंधु नदी के दर्शन क ...और पढ़ें

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    डिजिटल डेस्क, पटना। Sankalp Sindhu Darshan Yojana: सिंधु नदी भारतीय सभ्यता, संस्कृति एवं इतिहास का आधार मानी जाती है। इसी के चलते लद्दाख क्षेत्र में हर साल सिंधु-दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें संपूर्ण देश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं।

    बिहार के लोगों के लिए सिंधु-दर्शन तीर्थयात्रा का बड़ा महत्व है। इस यात्रा में होने वाले अत्यधिक खर्च के कारण राज्य के निवासियों के सामने इस महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा को पूरी करने में कठिनाई होती है।

    ऐसे में बिहार के स्थायी निवासियों को लद्दाख स्थित सिंधु नदी के दर्शन एवं भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से "सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना 2026" शुरू की गई है।

    पात्रता की शर्तें

    • आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी हो।
    • आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो।
    • अनुदान का लाभ तीर्थयात्रा पूरी करने के बाद दिया जाएगा। आवेदकों को इस संबंध में यात्रा पूर्ण करने संबंधित प्रमाण तथा यात्रा व्यय से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
    • एक व्यक्ति को सामान्यतः जीवन काल में एक ही बार इस योजना का लाभ मिलेगा।
    • राज्य अथवा केन्द्र सरकार की अन्य समरूप योजना से लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्ति अनुदान के पात्र नहीं होंगे।
    • इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 तीर्थ यात्रियों को वित्तीय सहायता प्रदान किया जायेगा।

    अनुदान की राशि

    इस योजना के अंतर्गत पात्र तीर्थयात्रियों/यात्री समूह को यात्रा पूर्ण करने के उपरांत वित्तीय सहायता के रूप में यात्रा व्यय के 50 प्रतिशत अथवा 20,000/- (बीस हजार) रूपये मात्र प्रति तीर्थ यात्री, जो कम हो, की प्रतिपूर्ति अनुदान के रूप में प्रदान की जायेगी। अनुदान की राशि सीधे तीर्थ-यात्रियों के खाते में प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की जायेगी।

    योजना का क्रियान्वयन

    इस योजना के अंतर्गत अनुदान भुगतान से संबंधित कार्रवाई पर्यटन निदेशालय, बिहार, पटना के स्तर से की जायेगी। आवेदकों को आधार, पैन, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र एवं यात्रा व्यय के संबंध में अंडरटेकिंग (Undertaking) इत्यादि के साथ आवेदन निदेशक, पर्यटन निदेशालय, बिहार, पटना के समक्ष करना होगा।

    पर्यटन निदेशालय के द्वारा आवेदनों की जाँच एवं तत्पश्चात "पहले आओ पहले पाओ" के आधार पर 100 तीर्थ-यात्रियों का चयन कर अनुदान वितरण के संबंध में अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी।

    योजना के व्यय से संबंधित प्रावधान

    इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 यात्रियों को अनुदान प्रतिपूर्ति किया जायेगा। इस आधार पर अधिकतम 20,00,000/- (बीस लाख) रूपये मात्र का व्यय प्रत्येक वित्तीय वर्ष में संभावित हैं।

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