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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Bhumi: दाखिल-खारिज को लेकर नीतीश सरकार सख्त, 5 CO से जवाब तलब; DM ने सैलरी भी रोकी

    Updated: Mon, 03 Mar 2025 05:32 PM (GMT+05:30)

    बिहार सरकार ने दाखिल-खारिज और परिमार्जन में लापरवाही बरतने पर 5 अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है और एक के वेतन पर रोक लगा दी है। जिलाधिकारी डॉ. ...और पढ़ें

    दाखिल-खारिज को लेकर नीतीश सरकार सख्त, 5 CO से जवाब तलाब
    दाखिल-खारिज को लेकर नीतीश सरकार सख्त, 5 CO से जवाब तलाब

    HighLights

    1. पटना जिले में पांच सीओ से स्पष्टीकरण, एक का रुका वेतन
    2. दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन में शिथिलता पर जिलाधिकारी ने की कार्रवाई
    3. बिहटा के सीओ के वेतन पर रोक, 31 मार्च तक सुधार लाने का मौका
    4. संपतचक, धनरुआ, बेलछी, पालीगंज एवं घोसवरी के अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण

    जागरण संवाददाता, पटना। दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन में शिथिलता पर पांच अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण और एक के वेतन पर रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान यह कार्रवाई की।

    बिहटा, संपतचक, धनरुआ, बेलछी, पालीगंज एवं घोसवरी के अंचल अधिकारी इस कार्रवाई की जद में आए हैं। जिलाधिकारी ने हिदायत दी है कि कार्य में सुस्ती और लापरवाही किसी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।

    मिशन जीरो एक्सपायर्ड के तहत दाखिल-खारिज के 75 दिनों से अधिक तथा परिमार्जन प्लस के 36 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को 22 मार्च तक शून्य करने का निर्देश दिया गया। समाहरणालय में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिला में दाखिल-खारिज के 97 प्रतिशत से अधिक मामलों को निष्पादित किया गया है।

    31 मार्च तक सुधार लाएं बिहटा के सीओ:

    समीक्षा में बिहटा के अंचल अधिकारी का प्रदर्शन काफी असंतोषजनक पाया गया। उनके यहां दाखिल-खारिज के 75 दिन से अधिक 3,448 मामले लंबित हैं। सबसे पुराना मामला 24 अप्रैल 2023 से लंबित है। परिमार्जन प्लस में बीते 15 दिनों में 373 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि निष्पादन केवल 170 का किया गया।

    वहीं, ऑनलाइन अनुपलब्ध जमाबंदी के डिजिटाइजेशन में इसी अवधि में 106 आवेदन आए, निष्पादन महज 27 किया गया।

    जिलाधिकारी ने कहा कि यह काफी खेदजनक है। बिहटा के अंचल अधिकारी दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस सहित अनेक मापदंडों पर लगातार खराब प्रदर्शन कर रहे हैं।

    उन्होंने उनका वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा। उन्हें 31 मार्च तक सुधार लाने का निर्देश दिया। ऐसा नहीं करने पर प्रपत्र क गठित कर विभाग को प्रतिवेदित किया जाएगा। अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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    अमीनों से भी प्राप्त करें स्पष्टीकरण:

    संंपतचक, धनरुआ, बेलछी, पालीगंज एवं घोसवरी के अंचल अधिकारियों ने बीते 15 दिनों में ई-मापी के केवल शून्य से दो मामलों को ही निष्पादित किया गया है जबकि प्राप्त आवेदनों की संख्या काफी अधिक है।

    जिलाधिकारी ने इन सभी अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण का निर्देश दिया है। साथ ही उन्हें सुधार लाने की हिदायत दी गई। साथ ही संबंधित अमीनों से भी इस आशय का स्पष्टीकरण प्राप्त कर मंतव्य सहित उपस्थापित करने का निदेश दिया गया कि किस परिस्थिति में ऐसा हुआ।

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