बिहार में मजदूरों को 5 रुपये में मिलेगा भोजन, ठहरने के लिए बनेगा गेस्ट हाउस; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला
बिहार सरकार जल्द ही निर्माण श्रमिकों के लिए 'श्रमिक अतिथिशाला' और 'भोजशाला' योजनाएं शुरू करेगी। इसके तहत पंजीकृत श्रमिकों को मात्र पांच रुपये में पौष् ...और पढ़ें
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एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
श्रमिकों को 5 रुपये में पौष्टिक भोजन मिलेगा।
पटना में 9 स्थानों पर अतिथिशालाएं शुरू होंगी।
महिला-पुरुष श्रमिकों के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री होगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में निर्माण श्रमिकों के लिए श्रमिक अतिथिशाला और भोजशाला योजना जल्द शुरू होगी। इसके तहत राज्य में पंजीकृत श्रमिकों को पांच रुपये में पौष्टिक भोजन मिलेगा। बुधवार को श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा भोजशाला योजना और श्रमिक अतिथिशाला योजना संचालित की जाएगी।
रोजगार की तलाश में शहरों में आने वाले निर्माण श्रमिकों तथा दूसरे राज्यों से लौटने वाले बिहार के श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक अस्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार श्रमिक अतिथिशाला का संचालन होगा।
पहले चरण में पटना के नौ प्रमुख स्थानों पर अतिथिशाला को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया, पाटलिपुत्र स्टेशन, बैरिया जीरोमाइल, आइएसबीटी-कंकड़बाग, दानापुर जंक्शन, सगुना मोड़, बिहटा कारिडोर, नौबतपुर और दीदारगंज में अतिथिशाला का संचालन किया जाएगा। बाद में इस सुविधा का विस्तार राज्य के सभी जिलों तक किया जाएगा।
महिला व पुरुष श्रमिकों के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया कि अतिथिशालाओं में महिला एवं पुरुष श्रमिकों के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री होगी, जिनमें 50 और 100 बेड की व्यवस्था रहेगी, जहां श्रमिक सात दिन से दस दिन तक ठहर सकेंगे और विशेष परिस्थितियों में अवधि बढ़ाई भी जा सकेगी।
अतिथिशाला 24 घंटे संचालित होगी, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ अनुदानित दर पर भोजन और नाममात्र शुल्क पर आवास उपलब्ध कराया जाएगा। पीपीपी माडल पर संचालित होने वाली इस योजना के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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स्थायी कैंटीन व मोबाइल फूड वैन भी
उन्होंने बताया कि पटना के प्रमुख श्रमिक एवं निर्माण क्षेत्रों में 10 भोजशाला का संचालन स्थायी कैंटीन और मोबाइल फूड वैन के माध्यम से किया जाएगा।
प्रत्येक भोजशाला में प्रतिदिन 300 श्रमिकों हेतु नाश्ता और 300 श्रमिकों के लिए दोपहर का भोजन उपलब्ध होंगे, जबकि बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा भोजन की शेष लागत का वहन किया जाएगा।
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