बिहार पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, रिजर्वेशन डेटा होगा ऑनलाइन; 18 मई तक दर्ज कर सकेंगे आपत्ति
राज्य निर्वाचन आयोग ने बिहार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 'प्रपत्र-1' की दावा-आपत्ति और आरक्षण डेटा के डिजिटलीकरण पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए ह ...और पढ़ें

बिहार पंचायत चुनाव की तैयारी तेज।(जागरण)
HighLights
पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण डेटा होगा डिजिटल।
'प्रपत्र-1' पर आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि 18 मई।
दावा-आपत्ति निपटारे के लिए अपीलीय व्यवस्था तय।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य निर्वाचन आयोग ने शनिवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ‘प्रपत्र-1’ (हर निर्वाचन क्षेत्र की जनसंख्या) के प्रकाशन के उपरांत दावा-आपत्ति निपटारे और आरक्षण डेटा डिजिटाइजेशन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि हर दावा-आपत्ति पर सुनवाई के बाद लिखित आदेश जारी किया जाएगा। संबंधित पक्ष को उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। सुनवाई के दौरान पक्षकारों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 मई निर्धारित है। इन आपत्तियों का निपटारा 22 मई तक किया जाएगा। यदि किसी पक्ष को निर्णय से असहमति होगी, तो वह आदेश पारित होने के तीन दिनों के भीतर अपील दायर कर सकेगा।
अपीलों के निष्पादन के लिए सात दिनों की समय सीमा तय की गई है। आयोग ने ‘प्रपत्र-1’ के अंतिम प्रकाशन की तिथि 15 जून निर्धारित की है। इसके उपरांत 20 जून तक जिला गजट में प्रकाशन होगा और 23 जून तक इसकी प्रति आयोग को उपलब्ध करानी होगी।
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ने का निर्णय लिया है। साथ ही आयोग ने स्पष्ट किया है कि आरक्षित श्रेणियों का डेटा पहले से पोर्टल पर उपलब्ध है।
अब सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे 30 मई 2026 तक आरक्षण श्रेणियों की डिजिटल प्रविष्टि आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें।
साथ ही आयोग द्वारा अनुमोदित आरक्षण संबंधी पीडीएफ कापी भी अपलोड करनी होगी। इसके लिए जिला स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आयोग ने दावा-आपत्ति निपटारे को पारदर्शी बनाने के लिए अपीलीय व्यवस्था भी तय कर दी है। ग्राम पंचायत और पंचायत समिति सदस्य पद के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्राधिकृत पदाधिकारी बनाया गया है।
वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी प्रथम अपीलीय पदाधिकारी और जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी होंगे। जिला परिषद सदस्य पद के मामलों में अनुमंडल पदाधिकारी को प्राधिकृत पदाधिकारी तथा जिला पदाधिकारी को अपीलीय प्राधिकारी बनाया गया है।
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