बिहार में 17 अगस्त से जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री होगी पेपरलेस, डीड से स्टांप तक पूरा काम ऑनलाइन
बिहार में 17 अगस्त से सभी निबंधन कार्यालयों में जमीन, प्लाट और फ्लैट की रजिस्ट्री पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगी, जिसमें डीड से लेकर स्टांप शुल्क तक सब ऑनल ...और पढ़ें

पारदर्शिता के साथ समय की भी होगी बचत
HighLights
17 अगस्त से सभी निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री।
75 वर्ष से अधिक उम्र वालों को घर पर सुविधा।
राजस्व चोरी रोकने को ऑनलाइन शिकायत और निरीक्षण।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के सभी जिलों के निबंधन कार्यालयों में 17 अगस्त से जमीन, प्लाट और फ्लैट आदि के निबंधन की प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगी। डीड तैयार करने से लेकर स्टांप शुल्क भुगतान, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल हस्ताक्षर तक की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी। निबंधन के बाद डिजिटल डीड की प्रति वाट्सएप या ई-मेल के माध्यम से भेजी जाएगी।
141 निबंधन कार्यालयों में लागू होगी नई व्यवस्था
राज्य में कुल 141 निबंधन कार्यालय हैं। पहले चरण में 11 जुलाई से 10 कार्यालयों में पेपरलेस निबंधन शुरू किया गया था।
इसके बाद 30 जुलाई को दूसरे चरण में 40 और कार्यालयों को इस व्यवस्था से जोड़ा गया। अब शेष कार्यालयों में भी 17 अगस्त से पेपरलेस निबंधन लागू करने का लक्ष्य है।
पारदर्शिता के साथ समय की भी होगी बचत
मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव नवीन कुमार ने मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पेपरलेस निबंधन से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। साथ ही निबंधन में लगने वाले समय की भी बचत होगी।
75 साल से अधिक उम्र वालों को घर पर सुविधा
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 75 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों को जमीन, प्लाट और फ्लैट के निबंधन की सुविधा घर पर उपलब्ध कराई जाए।
जिन जिलों में पेपरलेस निबंधन की प्रगति अपेक्षित नहीं है, वहां जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर तेजी लाने का निर्देश दिया जाएगा। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा जाएगा।
सेवा प्रदाताओं को मिली अहम जिम्मेदारी
लाइसेंस प्राप्त सेवा प्रदाताओं को पेपरलेस निबंधन में आम लोगों की सहायता और प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
उन्हें बैठने की उचित सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाने का भी निर्देश दिया गया। दस्तावेज के मूल्य के आधार पर सेवा प्रदाताओं का पारिश्रमिक भी तय किया गया है।
एक लाख तक के दस्तावेज पर मिलेंगे 1000 रुपये
एक लाख रुपये तक के मूल्य वाले दस्तावेज पर सेवा प्रदाता को 1000 रुपये पारिश्रमिक मिलेगा। पांच लाख रुपये तक के दस्तावेज के लिए यह राशि 2500 रुपये निर्धारित की गई है।
वहीं पांच लाख रुपये से अधिक मूल्य के दस्तावेज पर सेवा प्रदाता को 5000 रुपये पारिश्रमिक दिया जाएगा।
GIS से होगा स्थल निरीक्षण
निबंधन प्रक्रिया में स्थल निरीक्षण के लिए जीआइएस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सचिव ने सभी जिला निबंधन कार्यालयों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इससे स्थल निरीक्षण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की तैयारी है।
शिकायत भी ऑनलाइन, कार्रवाई भी ऑनलाइन
आम नागरिकों की शिकायतों के प्रभावी और पारदर्शी निष्पादन के लिए पब्लिक ग्रीवेंस मॉड्यूल लागू करने का निर्देश दिया गया है।
इसके तहत शिकायत ऑनलाइन दर्ज होगी और उसकी जांच, कार्रवाई तथा निष्पादन की पूरी प्रक्रिया भी ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी।
हर सप्ताह 10 निबंधन कार्यालयों का निरीक्षण
राजस्व संग्रह बढ़ाने और राजस्व चोरी पर अंकुश लगाने के लिए सभी एआइजी को हर सप्ताह 10 निबंधन कार्यालयों का स्थल निरीक्षण करने का टास्क दिया गया है।
निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी। निरीक्षण के लिए कार्यालयों का चयन मुख्यालय स्तर से किया जाएगा।
राजस्व चोरी रोकने को मुख्यालय की टीम भी करेगी जांच
राजस्व चोरी की रोकथाम के लिए मुख्यालय स्तर पर भी टीम गठित कर निबंधन कार्यालयों में भेजी जाएगी। टीम स्थल निरीक्षण कर व्यवस्था और राजस्व संग्रह की स्थिति की जांच करेगी। विभाग का लक्ष्य पेपरलेस निबंधन के साथ पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।