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    बिहार में म्यूल खातों के जरिये साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, जमुई से एक गिरफ्तार

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 06:30 AM (IST)

    बिहार पुलिस की साइबर अपराध इकाई ने जमुई से रंजन कुमार उर्फ सचिन कुमार को म्यूल खातों के जरिए साइबर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई सांकेतिक तस्वीर।

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. बिहार पुलिस ने म्यूल खातों से ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा।

    2. जमुई से रंजन कुमार उर्फ सचिन कुमार नामक आरोपी गिरफ्तार हुआ।

    3. आरोपी के खिलाफ 122 साइबर धोखाधड़ी शिकायतें दर्ज हैं।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (सीसीएसयू) ने म्यूल खातों से राशि के लेन-देन करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जमुई के झाझा से एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।

    आरोपित की पहचान रंजन कुमार उर्फ सचिन कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह प्रलोभन देकर लोगों के नाम पर म्यूल खाते खुलवाता था।

    इसके अलावा कई बार पहले से खुले बैंक खातों को किराये पर लेकर उनका उपयोग साइबर धोखाधड़ी की राशि लेन-देन में करता था।

    यह गिरोह क्यूआर कोड, एपीके फाइल, फर्जी सिम तथा विभिन्न बैंक खातों का उपयोग कर ऑनलाइन लोन, लाटरी एवं अन्य साइबर फ्राड को अंजाम देता था।

    साइबर अपराध से अर्जित राशि को म्यूल खातों के अलावा ऑनलाइन शापिंग के माध्यम से खपाने का प्रयास किया जाता था।
    सीसीएसयू और जमुई की साइबर पुलिस की छापेमारी के दौरान साइबर अपराध में शामिल कई उपकरण और दस्तावेज मिले हैं।

    इनमें तीन मोबाइल फोन, एक लैपटाप, तीन वाई-फाई, एक बायोमीट्रिक डिवाइस, नौ बैंक खातों के पासबुक, चार चेकबुक, दो एटीएम कार्ड, तीन क्यूआर कोड, विभिन्न इलेक्ट्रानिक नेटवर्किंग उपकरण के साथ कई दस्तावेज शामिल हैं।

    75 से अधिक शिकायतें दर्ज

    जांच में पाया गया कि गिरफ्तार आरोपित के मोबाइल नंबर के विरुद्ध एनसीआरपी (राष्ट्रीय अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) पर 75 से अधिक साइबर अपराध से जुड़ीं शिकायतें दर्ज हैं। इसके अलावा बैंक खातों के सत्यापन के दौरान दो बैंक खातों से संबंधित 47 साइबर धोखाधड़ी शिकायतें भी एनसीआरपी पर दर्ज कराई गई हैं।

    इस तरह कुल 122 शिकायतें अभी तक सामने आई हैं। जांच के दौरान आरेापित के मोबाइल से संदिग्ध वॉट्सएप चैट, विदेशी मोबाइल नंबर से ऑडियो रिकार्डिंग एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं।

    इस मामले में गिरोह के अन्य सहयोगियों, बैंक खातों, म्यूल खातों के नेटवर्क से अर्जित धनराशि का पता लगाया जा रहा है।

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