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    बिहार की सभी 40 पुलिस लाइन में खुलेंगे स्कूल और अस्पताल, पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलेगी बेहतर सुविधा

    Updated: Thu, 21 May 2026 09:49 PM (IST)

    Bihar Police Welfare: बिहार सरकार ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य की सभी 40 पुलिस लाइनों में स्कूल और अस् ...और पढ़ें

    40 पुलिस लाइनों में स्कूल और अस्पताल खोले जाएंगे (फाइल फोटो)

    40 पुलिस लाइनों में स्कूल और अस्पताल खोले जाएंगे (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. सभी 40 पुलिस लाइनों में खुलेंगे स्कूल-अस्पताल।

    2. पुलिस बच्चों के लिए उच्चस्तरीय विद्यालय का प्रस्ताव।

    3. पुलिस अस्पतालों को मिलेगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दर्जा।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य की सभी 40 पुलिस लाइन में स्कूल और अस्पताल खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

    गृह विभाग ने इस संबंध में पुलिस मुख्यालय से विस्तृत प्रस्ताव मांगा है। प्रस्ताव मिलते ही योजना पर काम शुरू किया जाएगा।

    बीमा राशि वितरण कार्यक्रम में हुआ एलान

    यह जानकारी गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित दिवंगत पुलिसकर्मियों के आश्रितों के बीच बीमा राशि वितरण कार्यक्रम के दौरान दी।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिसकर्मियों के कल्याण और उनके परिवारों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

    पुलिस बच्चों के लिए खुलेंगे हाई लेवल स्कूल

    डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए राज्य स्तर पर उच्चस्तरीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन स्कूलों की क्षमता करीब एक हजार बच्चों की होगी।

    सरकार की कोशिश है कि पुलिस परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकें।

    पुलिस अस्पतालों को मिलेगा PHC का दर्जा

    डीजीपी ने कहा कि जिलों में मौजूद पुलिस अस्पतालों को चिह्नित कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का दर्जा देने का भी प्रस्ताव है।

    इससे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को इलाज की बेहतर सुविधा मिल सकेगी और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।

    मेडिकल और बीमा सुविधाओं में सुधार

    कार्यक्रम के दौरान डीजीपी ने बताया कि पहले दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को बहुत कम आर्थिक सहायता मिलती थी, लेकिन अब यह राशि बढ़कर करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

    उन्होंने कहा कि मेडिकल क्लेम के 900 से ज्यादा लंबित मामलों का निपटारा किया गया है और कैशलेस मेडिकल स्कीम पर भी विचार चल रहा है।

    बीमार पुलिसकर्मियों को भी मिलेगी राहत

    डीजीपी ने कहा कि गंभीर रूप से बीमार पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर को लेकर भी नई व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।

    इसके तहत उन्हें तीन महीने के भीतर सुविधाजनक जगह पर स्थानांतरण देने की योजना बनाई जा रही है।

    उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस कल्याण के लिए इतने बड़े स्तर पर काम होने से पुलिस एसोसिएशन के कई मुद्दे स्वतः खत्म हो गए हैं।

    कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

    कार्यक्रम में बजट, अपील एवं कल्याण के एडीजी संजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक सुब्रत कुमार स्वाई ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, निगरानी के डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के डीजी जितेंद्र कुमार, एसटीएफ के डीजी कुंदन कृष्णन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजन मौजूद रहे।

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