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    5 साल में ओझल हुआ 6 दलों का गठबंधन, 238 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी का JDU में हो गया विलय

    Updated: Tue, 09 Sep 2025 12:39 PM (IST)

    बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एनडीए और महागठबंधन के सहयोगी दलों ने पाला बदला है। 2020 में बने छह दलों के गठबंधन की स्थिति दयनीय है जिनमें रालोसपा बसप ...और पढ़ें

    238 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी का JDU में हो गया विलय
    238 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी का JDU में हो गया विलय

    HighLights

    1. गठबंधन दलों में पाला बदलने का दौर जारी
    2. 2020 के गठबंधन दलों की स्थिति दयनीय
    3. बसपा और एआईएमआईएम की चुनावी तैयारी

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के दो बड़े गठबंधन एनडीए और महागठबंधन के सहयोगी दलों ने भी पाला बदल किया है, लेकिन 2020 में बने छह दलों के तीसरे गठबंधन के दल पूरी तरह अलग-थलग हो गए। इनमें से कुछ दल ऐसे भी हैं जो इस साल होने वाले चुनाव की चर्चाओं में भी नहीं हैं।

    2020 के ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट नाम के इस गठबंधन में छह दल थे। 243 में से 238 सीटों पर इनके उम्मीदवार खड़े हुए। सबसे अधिक 104 सीटों पर लड़ी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी अब नहीं रही। उसका जदयू में विलय हो गया था।

    बाद में इसके संस्थापक उपेंद्र कुशवाहा ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नाम से नई पार्टी बनाई। यह अब एनडीए के साथ है। अधिक सीटों पर लड़ने के बावजूद रालोसपा की किसी सीट पर जीत नहीं हुई। 80 सीटों पर लड़ी बसपा चैनपुर की इकलौती सीट जीत पाई।

    उसके विधायक जमा खान जदयू में चले गए। इस समय राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं। इस बार बसपा सभी 243 सीटों पर लड़ने की योजना बना रही है। एआईएमआईएम को सबसे अधिक पांच सीटों पर सफलता मिली थी। उसके चार विधायक राजद में चले गए। 2020 में एमआईएम के 19 उम्मीदवार थे।

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    इस बार किसी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं है। राजद के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने का उसका प्रस्ताव अब तक अनिर्णीत है। पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव की समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक के उम्मीदवार 25 सीटों पर लड़े थे। किसी पर जीत नहीं हुई।

    यादव ने अपनी पार्टी का राजद में विलय करा दिया था। अब वे राजद से अलग हैं। स्वतंत्र रूप से विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट के दो अन्य घटक थे- सहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और जनवादी पार्टी समाजवादी। इन दोनों को पांच-पाचं सीटें मिली थीं। 2025 के विधानसभा चुनाव में इनकी सक्रियता नजर नहीं आ रही है।

    राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, बसपा और एमआईएम को मिलाकर कुल 4.5 प्रतिशत वोट मिले थे। इनके वोटों का हिसाब यह रहा:

    • राष्ट्रीय लोक समता पार्टी- 7,44,221, (1.77 प्रतिशत)
    • बहुजन समाज पार्टी- 6,28,961 (1.49 प्रतिशत)
    • एमआईएम 5,23,279 (1.24 प्रतिशत)
    • अन्य दो दलों को नगण्य वोट मिला

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