बिहार में खत्म हुई सफाई कर्मियों की हड़ताल, दैनिक कर्मियों को मिलेगा मानदेय और छुट्टी
नगर निकायों के सफाई कर्मियों की राज्यव्यापी हड़ताल गुरुवार रात समाप्त हो गई। ...और पढ़ें

हड़ताल खत्म होने के बाद मिठाई खिलाते मंत्री नीतीश मिश्रा। (वीडिया ग्रैब)
HighLights
सफाई कर्मियों की राज्यव्यापी हड़ताल गुरुवार रात समाप्त।
सरकार-कर्मचारी संगठनों में मांगों पर बनी सहमति।
दैनिक कर्मियों को मासिक मानदेय, अवकाश, बीमा मिलेगा।
जागरण संवाददाता, पटना। नगर निकायों के सफाई कर्मियों की 30 जुलाई से जारी राज्यव्यापी हड़ताल गुरुवार रात आठ बजे समाप्त हो गई।
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनने के बाद बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाईज फेडरेशन, बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त मोर्चा तथा पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी।
इसके साथ ही शुक्रवार से नगर निकायों में सफाई कार्य सामान्य होने की उम्मीद है। पिछले आठ दिनों से हड़ताल के कारण शहरों में कचरे का उठाव और सफाई व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित रही थी।
सरकार ने दैनिक पारिश्रमिक पर कार्यरत सफाई कर्मियों को संविदा कर्मियों की तरह एकमुश्त मासिक मानदेय देने, महंगाई के अनुसार मानदेय बढ़ाने, हर 10 वर्ष की सेवा पर मानदेय में वृद्धि, अर्जित अवकाश, साल में 16 दिन का आकस्मिक अवकाश, महिला कर्मियों को हर माह दो विशेष अवकाश, मातृत्व अवकाश, चिकित्सा, दुर्घटना और जीवन बीमा तथा सेवा समाप्ति के बाद उपादान (ग्रेच्युटी) की व्यवस्था पर सैद्धांतिक सहमति दी है।
गठित की जाएगी समिति
इन सभी विषयों पर अंतिम प्रस्ताव तैयार करने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अनिमेष पराशर की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी।
इसमें नगर आयुक्त, कार्यपालक पदाधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। समिति एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
बैठक में यह भी तय हुआ कि किसी भी दैनिक पारिश्रमिक सफाई कर्मी को बिना ठोस कारण और निर्धारित प्रक्रिया अपनाए सेवा से नहीं हटाया जाएगा। ऐसे मामलों में अपील का अधिकार भी मिलेगा।
सभी दैनिक सफाई कर्मियों का सेवा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से तैयार और सुरक्षित रखा जाएगा। आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मियों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
एजेंसी बदलने पर कर्मियों को यथासंभव पहले की तरह कार्य पर बनाए रखा जाएगा। उनके वेतन में किसी प्रकार की अवैध कटौती नहीं होगी और भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाएगा।
बोनस पर सहमति
बोनस अधिनियम के तहत बोनस देने, वाहन या मशीन खराब रहने की अवधि में चालकों को पारिश्रमिक देने तथा श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी।
नगर निकायों के नियमित कर्मियों को एसीपी और एमएसीपी का लाभ फिर से बहाल करने का भी निर्णय लिया गया। सरकार ने यह भी फैसला किया कि हड़ताल के दौरान सफाई कर्मियों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई वापस ली जाएगी।
अनुपस्थिति की अवधि को नियमानुसार अवकाश से समायोजित किया जाएगा। बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पटना नगर आयुक्त यशपाल मीणा समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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