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    बिहार में रेल हादसा: मालगाड़ी का 4 बोगियां पटरी से उतरीं, फतुहा-नटेसर रेल लाइन पर 5 घंटे तक थमी आवाजाही 

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 10:51 PM (IST)

    दानापुर रेल मंडल के फतुहा-नटेसर रेलखंड पर हिलसा स्टेशन के पास एक खाली मालगाड़ी की चार बोगियां पटरी से उतर गईं, जिससे करीब पांच घंटे तक ट्रेनों का परिच ...और पढ़ें

    पटना में बेपटरी हुई मालगाड़ी। फोटो जागरण

    पटना में बेपटरी हुई मालगाड़ी। फोटो जागरण

    HighLights

    1. हिलसा स्टेशन पर मालगाड़ी की चार बोगियां बेपटरी हुईं।

    2. फतुहा-नटेसर रेलखंड पर पांच घंटे परिचालन बाधित रहा।

    3. हादसे में कोई जनहानि नहीं, कई ट्रेनें हुईं प्रभावित।

    जागरण टीम, पटना। दानापुर रेल मंडल के फतुहा-नटेसर रेलखंड के हिलसा रेलवे स्टेशन पर सोमवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब फतुहा से नटेसर जा रही खाली मालगाड़ी की चार बोगियां स्टेशन में प्रवेश के दौरान पटरी से उतर गईं। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रैक बाधित होने से करीब पांच घंटे तक इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह प्रभावित रहा।

    इसके चलते दिल्ली-इस्लामपुर मगध एक्सप्रेस, पटना-इस्लामपुर पैसेंजर और इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को विलंब का सामना करना पड़ा। ट्रैक बाधित होने के कारण दिल्ली से इस्लामपुर जाने वाली मगध एक्सप्रेस पटना जंक्शन के एक नंबर प्लेटफार्म पर रूकी रही।

    रेस्क्यू में जुटी रेलवे की टीम 

    सूचना मिलते ही रेलवे के वरीय अधिकारी, जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। पटना से दुर्घटना राहत एवं तकनीकी दल बुलाया गया, जिसने विशेष उपकरणों की मदद से बेपटरी बोगियों को हटाने और ट्रैक को दुरुस्त करने का काम शुरू किया। बहाली कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया, जिसके बाद देर शाम परिचालन धीरे-धीरे सामान्य किया गया।

    हिलसा के टीआइ कुंदन कुमार ने बताया कि मालगाड़ी की गति घटना के समय लगभग 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा थी। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। तकनीकी जांच और ट्रैक निरीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि हादसा किस वजह से हुआ।

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    रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ट्रैक की पूरी जांच के बाद ही नियमित परिचालन बहाल किया गया। घटना के कारण यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी और कई ट्रेनों के समय में बदलाव करना पड़ा।

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