बेऊर जेल के 5 सस्पेंड अफसरों पर FIR; बिना अनुमति कारागार में घुसे, सरकारी अभिलेखों से की छेड़छाड़
पटना के बेऊर केंद्रीय कारा के 5 निलंबित अधिकारियों के खिलाफ जेल परिसर में बिना अनुमति प्रवेश कर सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ के आरोप में एफआईआर दर्ज की ...और पढ़ें

बेउर जेल के पांच सस्पेंड अफसरों पर एफआईआर। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
बेऊर जेल के 5 निलंबित अधिकारियों पर एफआईआर।
बिना अनुमति जेल में प्रवेश और अभिलेखों से छेड़छाड़।
जेल अधीक्षक की शिकायत पर मामला दर्ज, पुलिस करेगी पूछताछ।
जागरण संवाददाता, पटना। आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर के निलंबित अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 5 जेल पदाधिकारियों के खिलाफ बेउर थाने में रविवार को एफआईआर की गई।
एफआईआर में बिना अनुमति जेल परिसर में प्रवेश कर सरकारी अभिलेखों और रजिस्टरों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। जेल अधीक्षक की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है।
20 जून को खुली थी गड़बड़ी की पोल
बीते 20 जून को कारा महानिरीक्षालय और जिला प्रशासन द्वारा बेऊर जेल में औचक छापामारी की गई थी। उस दौरान कई तरह की गड़बड़ी सामने आई थी। यह देखकर अधिकारी हैरान रह गए थे। मामले में त्वरित एक्शन हुआ।
जांच में लापरवाही और असहयोग के आरोप में डिप्टी जेलर, असिस्टेंट जेलर सहित पांच पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। इसके साथ ही उन्हें दो जुलाई को प्रभार सौंपने का निर्देश दिया गया था।
इसी बीच 25 जुलाई को निलंबित असिस्टेंट जेलर ने कार्यालय में प्रभार सौंपने का आवेदन दिया। जांच में पता चला कि उन्हें कोई आधिकारिक विरमन पत्र जारी नहीं हुआ था।
बिना अनुमति जेल में प्रवेश करने और अभिलेखों से छेड़छाड़ का भी आरोप
इसके बावजूद, पांचों निलंबित अधिकारी बिना किसी वरीय अधिकारी की अनुमति के लगातार जेल के अंदर आते रहे और सरकारी अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ करते रहे।
जबकि बिहार जेल मैनुअल 2012 के अनुसार, बिना लिखित अनुमति के किसी भी निलंबित व्यक्ति का जेल में प्रवेश वर्जित है। इस अवैध प्रवेश से जेल की सुरक्षा और गोपनीयता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। पुलिस इन पदाधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ करेगी।