Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जदयू को तो पसंद हैं नीतीश, मल्लिकार्जुन खरगे के I.N.D.I.A. के नेतृत्वकर्ता बनने पर एतराज; दबे हुए मसले पर फिर होगी चर्चा

    By BHUWANESHWAR VATSYAYAN Edited By: Aysha Sheikh
    Updated: Sun, 31 Dec 2023 02:53 PM (GMT+05:30)

    आईएनडीआईए में नेतृत्वकर्ता को लेकर चर्चाएं एक बार फिर से शुरू हो गई है। ललन सिंह के इस्तीफे और नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बीच यह बात दब ...और पढ़ें

    जदयू को तो पसंद हैं नीतीश, मल्लिकार्जुन खरगे के I.N.D.I.A. के नेतृत्वकर्ता बनने पर एतराज
    जदयू को तो पसंद हैं नीतीश, मल्लिकार्जुन खरगे के I.N.D.I.A. के नेतृत्वकर्ता बनने पर एतराज

    भुवनेश्वर वात्स्यायन, पटना। जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पार्टी के दिग्गजों की मौजूदगी में एक बात नसीहत पर भी हुई थी जो ललन सिंह के इस्तीफे और नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बीच दब गयी थी। पर अब यह दबा हुआ मसला राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बना है।

    आने वाले समय के लिए यह एक बड़े संकेत की बात भी कर रहा। जदयू की तरफ से इस बात को आगे किया गया कि आईएनडीआईए में जिम्मेदारी उस नेता को दी जाए जो अनुभव और कार्यक्षमता रखते हों। इस बिंदु पर कांग्रेस का नाम लिए बगैर यह कहा गया कि बड़े दल को उदार बनने की आवश्यकता है। अनायास ही यह नहीं है। इसके निहितार्थ साफ-साफ हैं।

    आईएनडीआईए की दिल्ली बैठक में जब पश्चिम बंगाल की मु्ख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आईएनडीआईए में नेतृत्वकर्ता के रूप में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम लिया था तब जदयू को यह अच्छा नहीं लगा था। एतराज भी किया था जदयू ने। पर अब तो नीतीश कुमार की मौजूदगी में यह बात हो रही कि अनुभव और कार्यक्षमता के अनुरूप ही किसी नेता को आईएनडीआईए की जिम्मेदारी दी जाए।

    जदयू की पसंद नीतीश कुमार

    जदयू ने साफ-साफ कहा है कि नीतीश कुमार देश में वैकल्पिक राजनीति के प्रस्तोता हैं। प्राय: सभी बैठकों में उन्हें आईएनडीआईए का सूत्रधार कहा जाता है। जदयू बहुत ही स्पष्ट अंदाज में यह कह रहा कि अगर इस महागठबंधन को सफल और कामयाब देखना तो फिर बड़े दल का बड़ा दिल दिखाना होगा। जदयू सजगता, समझदारी, समन्वय और संकल्प की बात कर रहा।

    खबरें और भी

    सीट शेयरिंग को लेकर कब होगी बात

    जदयू की इस संकेत वाली नसीहत के बीच सीट शेयरिंग को ले जनवरी के पहले हफ्ते में बात बढ़ेगी। बिहार में तो पुराने आंकड़े आधार पर सब कुछ तय सा माना जा रहा। जदयू के अंदरखाने में यह पहले से ही चर्चा में है कि उनके दल को कौन-कौन सी सीटें मिलनी हैं।

    बगैर किसी चर्चा के सीतामढ़ी सीट के लिए जदयू ने अपने प्रत्याशी के नाम का भी ऐलान कर दिया है। कुछ अन्य सीटों पर नाम की चर्चा शुरू है जो तयशुदा अंदाज में है। पर इसके अतिरिक्त जदयू कुछ अन्य राज्यों में भी अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है।

    उत्तर पूर्व के राज्यों के अतिरिक्त झारखंड, यूपी, हरियाणा और कर्नाटक में जदयू अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहता है। इस संदर्भ में भी बड़े दल के उदार बनने का आशय सहजता से समझा जा सकता है। इन जगहों पर जदयू को अगर सीट मिलती है तो वह अीईएनडीआईए के स्तर पर ही तय होगा।

    ये भी पढ़ें -

    मुजफ्फरपुर: साल खत्म होने से पहले टूट गया चार वर्षों का रिकॉर्ड, सबसे ठंडा दिन रहा शनिवार; जानिए कितना दर्ज हुआ तापमान

    Bihar Hospital: इस अस्पताल में इलाज कराना हो तो साथ लाएं कंबल, बीमारी के साथ ठंड से भी परेशान हुए मरीज