यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
JDU में क्या होगा Nitish Kumar का फ्यूचर? बस कुछ दिनों में हो जाएगा फैसला; घड़ी की टिक-टिक शुरू
अक्टूबर के पहले हफ्ते में होने वाली जदयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में मिशन 2025 को विस्तार देने पर चर्चा होगी। बैठक में कई प्रस्ताव लिए जाएंगे जिस ...और पढ़ें

HighLights
- अक्टूबर के पहले हफ्ते में जदयू अपने 'मिशन 2025' को देगा विस्तार
- नीतीश कुमार के नेतृत्व को लेकर पास किया जाएगा प्रस्ताव
- चुनाव से पहले जदयू डिजिटली होगा और भी एक्टिव
राज्य ब्यूरो, पटना। अक्टूबर के पहले हफ्ते में जदयू अपने 'मिशन 2025' को विस्तार देगा। जदयू प्रदेश कार्यालय में जदयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक होगी। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) को लेकर बैठक में कई प्रस्ताव लिए जाएंगे।
हाल ही में जदयू ने अपने प्रदेश पदाधिकारियों व विधानसभा प्रभारियों की एक संयुक्त बैठक की थी। इसके बाद अब राज्य कार्यकारिणी के सदस्यों की बैठक की जा रही। संभव है कि इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी संबोधन हो। इस दौरान मुख्य रूप से यह तय किया जाना है जदयू किन मुद्दों के साथ आने वाले विधानसभा चुनाव में लोगों के बीच जाएगा।
नीतीश कुमार को लेकर आएगा प्रस्ताव
जदयू सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी के स्तर पर यह प्रस्ताव भी लिया जाना है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। नीतीश कुमार को इस बात के लिए अधिकृत किए जाने का प्रस्ताव भी लिया जाएगा कि विधानसभा चुनाव से संबंधित सभी तरह के निर्णय उनके स्तर पर लिए जाएंगे।
पार्टी की योजना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जदयू की उपस्थिति बड़े स्तर पर दिखे। इसके तहत यह देखा जाना है कि किन-किन क्षेत्रों में पार्टी के पदाधिकारियोें के नेतृत्व में वॉट्सएप ग्रुप काम कर रहे। उनसे कितने लोग जुड़े हैं और नियमित रूप से उनका संवाद कितना है।
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डिजिटल मोड में दिखेगी नीतीश कुमार की पार्टी
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में जो काम हुए हैं उसके बारे में लोगों को डिजिटल मोड में बताए जाने की योजना पर भी चर्चा होगी। विधानसभा प्रभारियों को किस तरह से अपने-अपने प्रभार क्षेत्र में सक्रियता रखनी है उस पर भी बैठक में चर्चा होगी।
जदयू का इस बात पर विशेष रूप से जोर रहेगा कि युवाओं के बीच उसकी पैठ अधिक हो। इस क्रम में विस्तार से उन्हें यह नियमित रूप से बताने की योजना भी बनेगी कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में कितनी संख्या में लोगों को नौकरी मिली व उद्यमिता की दिशा में काम हुए। हर जिले के लिए अलग-अलग डाटाबैंक पर भी काम होना है।