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    मलमास मेला 2026: श्रद्धालुओं के लिए जर्मन हैंगर, हेल्थ कैंप और पार्किंग की व्यवस्था; कब है शाही स्‍नान?

    Updated: Sat, 16 May 2026 03:38 PM (IST)

    बिहार सरकार और नालंदा जिला प्रशासन ने राजगीर में 17 मई से 15 जून 2026 तक आयोजित होने वाले मलमास मेला की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं क ...और पढ़ें

    राजगीर मलमास मेले की तैयारी पूरी।

    राजगीर मलमास मेले की तैयारी पूरी।

    HighLights

    1. मलमास मेला 2026 राजगीर में 17 मई से शुरू।

    2. श्रद्धालुओं के लिए जर्मन हैंगर पंडाल, हेल्थ कैंप उपलब्ध।

    3. शाही स्नान की महत्वपूर्ण तिथियाँ घोषित की गईं।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार के पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन, नालंदा द्वारा 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक आयोजित होने वाले मलमास मेला 2026 के सफल आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

    यह मेला राजगीर की प्राचीन धार्मिक परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का आगमन होता है।

    देवी-देवताओं का होता है वास 

    भारतीय पंचांग के अनुसार अधिमास, जिसे मलमास भी कहा जाता है, अत्यंत पवित्र माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इस अवधि में देवी-देवताओं का राजगीर में निवास एवं विचरण होता है।

    इसी आस्था के कारण साधु-संत, तीर्थयात्री और श्रद्धालु पूरे मास राजगीर में प्रवास करते हैं तथा यहाँ अवस्थित 22 कुण्डों और 52 धाराओं में स्नान, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।

     

    27 मई को प्रथम शाही स्नान, 31 मई को द्वितीय शाही स्नान, 5 जून को पंचमी स्नान, 11 जून को तृतीय शाही स्नान तथा 15 जून 2026 को अमावस्या स्नान एवं विसर्जन का आयोजन निर्धारित है।

    बड़े-बड़े जर्मन हैंगर पंडाल बनाए गए 

    पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु राजगीर स्टेट गेस्ट हाउस के पास 2000 व्यक्तियों तथा राजगीर रेलवे स्टेशन परिसर, ब्रह्मकुंड के निकट और मेला थाना के पास 1000-1000 व्यक्तियों की आवासन क्षमता वाले जर्मन हैंगर पंडाल बनाए गए हैं।

    इन स्थलों पर चेंजिंग रूम, स्नानघर, पुरुष एवं महिला शौचालय, पेयजल, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरा, हेल्थ कैंप तथा सस्ती रोटी काउंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    इसके अतिरिक्त 10 मिनी राजवाड़ी टेंट, विभिन्न स्थलों पर जर्मन यात्री शेड तथा वाटरप्रूफ पंडाल की भी व्यवस्था की गई है।

    श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के वाहनों के लिए पीएचईडी कैम्पस, विश्वशांति स्तूप के निकट, किला मैदान, आरडीएच हाई स्कूल मैदान, पीटीजेएम कॉलेज, हॉकी मैदान, सोन भंडार, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गौरक्षणी तथा मेयार बाईपास सहित अनेक पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है।

    पर्यटक गाइड की भी व्‍यवस्‍था 

    मेला क्षेत्र में सुरक्षा, चिकित्सा, अग्निशमन, प्रशासनिक सहायता तथा पर्यटक सूचना केंद्र में पर्यटक गाइड की उपलब्धता के साथ समुचित समन्वय स्थापित किया गया है।

    आपातकालीन सहायता के लिए 24x7 हेल्पलाइन 112 के साथ-साथ जिला पदाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक, मेला नियंत्रण कक्ष, सिविल सर्जन, अग्निशमन पदाधिकारी, अनुमंडल प्रशासन, यातायात पुलिस, नगर परिषद्, थाना तथा पर्यटक सूचना केन्द्र के संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं।

    पर्यटन विभाग के विशेष सचिव सह निदेशक श्री उदयन मिश्रा ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मेले में सहभागिता करें तथा राजगीर की पावन, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखने में सहयोग दें।

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