यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: 'दो लोगों ने सुनील सिंह को हटाने की लिखी थी पटकथा', RJD ने लगाए गंभीर आरोप; CM नीतीश को भी घेरा
Bihar News राष्ट्रीय जनता दल ने आरोप लगाया है कि विपक्ष के आवाज को दबाने और एक व्यक्ति को खुश रखने के लिए सुनील कुमार सिंह (Sunil Kumar Singh) की विधा ...और पढ़ें

HighLights
- एमएलसी सुनील सिंह की सदस्यता रद्द होने पर भड़की आरजेडी
- आरजेडी ने कहा दो लोगों ने कुर्सी पाने के लिए लिखी पूरी पटकथा
- आरजेडी ने कई वरिष्ठ नेताओं का उदाहरण देकर नीतीश सरकार पर हमला बोला
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News Today: राष्ट्रीय जनता दल ने आरोप लगाया है कि विपक्ष के आवाज को दबाने और एक व्यक्ति को खुश रखने के लिए सुनील कुमार सिंह (Sunil Kumar Singh) की विधानपार्षद सदस्यता समाप्त की गई है। राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, विधान पार्षद कारी मोहम्मद सोहैब, डा. अजय कुमार सिंह ने शनिवार को संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि इसे काले दिन के रूप में याद रखा जाएगा।
दो लोगों ने टिकट और उप-सभापति की कुर्सी पाने के लिए पटकथा लिखी
आरजेडी प्रवक्ताओं ने कहा कि दो लोगों ने लोकसभा के टिकट और उप-सभापति की कुर्सी पाने के लिए यह पटकथा बहुत पहले ही लिख दी थी। इसका पुरस्कार भी दोनों को मिल गया है। हालांकि, आरजेडी ने नाम का खुलासा नहीं किया।
सफाई देने तक का मौका नहीं मिला
राजद प्रवक्ताओं ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा सजा ये होनी चाहिए था कि पीठासीन पदाधिकारी इस मामले की भर्तसना करवाकर मामले पर चर्चा करवा लेते लेकिन यहां तो सफाई रखने तक का मौका नहीं दिया गया। सुनील सिंह ने आचार समिति के सभापति से लिखित में मांगा था कि उनका दोष क्या है और उन्हें किस मामले में दंडित किया जा रहा है, लेकिन उसका कोई भी साक्ष्य, तथ्य या सबूत नहीं दिया गया।
कई वरिष्ठ नेताओं ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया
राजद प्रवक्ताओं ने कहा कि सदन के अंदर समय-समय पर जीतन राम मांझी, लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के लिए भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया लेकिन इस पर आचार समिति खामोश है। महिलाओं के संबंध में मर्यादाहीन भाषा का इस्तेमाल किया गया, उस पर भी सत्ता पक्ष और आचार समिति खामोश क्याें है? प्रेस वार्ता के दौरान रिंकु कुमार, अशोक कुमार पांडेय, एजाज अहमद, अरुण कुमार यादव और प्रमोद कुमार सिन्हा भी उपिस्थत रहे।