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    नवादा की हाइड्रो-पावर परियोजना, सकरी नदी के पानी से बनेगी 2120 मेगावाट बिजली

    Updated: Sun, 24 May 2026 11:13 PM (IST)

    नवादा जिले में सकरी नदी के पानी का उपयोग कर 2120 मेगावाट की पंप स्टोरेज जल-विद्युत परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    HighLights

    1. नवादा में 2120 मेगावाट जल-विद्युत परियोजनाएं प्रस्तावित।

    2. सकरी नदी के पानी का होगा उपयोग।

    3. यह बिहार की सबसे बड़ी हरित ऊर्जा परियोजना होगी।

    राज्य ब्यूरो, पटना। नवादा जिला में प्रस्तावित पंप स्टोरेज जल-विद्युत (हाइड्रो-पावर) परियोजनाओं के लिए सकरी नदी के पानी का उपयोग होगा। जल संसाधन विभाग ने संबंधित कंपनी को कुछ शर्तों के साथ इसकी अनुमति दे दी है।

    ये परियोजनाएं नवादा के सुदूर और पहाड़ी परिक्षेत्र वाले रजौली प्रखंड में प्रस्तावित हैं और इनसे 2120 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है।

    विशाल बैटरी की तरह करती है काम

    पहली परियोजना 1200 मेगावाट और दूसरी 920 मेगावाट क्षमता वाली होगी। यह तकनीक एक विशाल बैटरी की तरह काम करती है।

    दिन के समय सौर ऊर्जा (सोलर पावर) का उपयोग करके निचले जलाशय से पानी को पंप कर ऊपर बने जलाशय में पहुंचाया जाता है।

    उस पानी को ऊपर से नीचे गिराकर टरबाइन चलाकर बिजली बनाई जाती है। यह पूरी तरह हरित ऊर्जा होगी और अपेक्षाकृत सस्ती भी, जो बिहार की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं होंगी।

    इन दोनों परियोजनाओं के लिए सकरी से एक बार में 0.321 टीएमसी पानी लिया जाएगा। इसके अलावा प्रतिवर्ष 0.05 टीएमसी पानी निकालने की अनुमति मिली है।

    कंपनी करेगी स्टोरेज की व्यवस्था

    स्टोरेज आदि की व्यवस्था परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी को करनी है। नदी से पानी गैर-मानसून अवधि (जनवरी से मई के बीच) में लिया जाएगा और उपयोग के बाद प्रदूषित जल को शुद्ध करके ही नदी में प्रवाहित किया जाएगा।

    चूंकि नदी से पानी औद्योगिक आवश्यकता हेतु लिया जाएगा, लिहाजा इसके लिए निर्धारित शुल्क (जल-कर) देना होगा। उल्लेखनीय है कि एक टीएमसी पानी की मात्रा एक अरब घन फीट होती है।

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