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    ट्रेन के जरिए दिल्ली भेजा जा रहा था ड्रग्स का बड़ा जखीरा, पटना में नाइजीरियाई महिला तस्कर गिरफ्तार

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 06:00 AM (IST)

    मादक पदार्थों के तस्कर अब पूर्वोत्तर से दिल्ली तक ड्रग्स पहुंचाने के लिए रेल मार्गों का उपयोग कर रहे हैं। ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    HighLights

    1. पूर्वोत्तर से दिल्ली तक रेल मार्ग से ड्रग्स तस्करी।

    2. पाटलिपुत्र जंक्शन पर नाइजीरियाई महिला तस्कर की गिरफ्तारी।

    3. तस्करों द्वारा ड्रग्स छिपाने के लिए नए तरीके इस्तेमाल।

    जागरण संवाददाता, पटना। मादक पदार्थों के तस्करों ने अब पूर्वोत्तर राज्यों से देश की राजधानी नई दिल्ली तक ड्रग्स पहुंचाने के लिए रेल मार्गों को नया सेफ रूट बना लिया है।

    शनिवार को पाटलिपुत्र जंक्शन पर खुफिया निदेशालय (डीआइआई) ने नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस से एक नाइजीरियाई महिला तस्कर को गिरफ्तार किया।

    साथ ही यह यह बातें भी सामने आई कि कैसे असम से महंगे सिंथेटिक ड्रग्स को बिहार के रास्ते दिल्ली ले जा रही थी। इसके पूर्व भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की धरपकड़ के लिए अब पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल से आने वाली ट्रेनों पर विशेष नजर रख रही है।

    सड़कों पर लगातार चेकिंग और चौकसी की वजह से अंतरराष्ट्रीय तस्कर सिंडिकेट ने तस्करी का रास्ता भी बदल दिया है। अब सड़क मार्ग के बजाय लंबी दूरी की ट्रेनों का इस्तेमाल कैरियर के रूप में कर रहा है।

    तस्कर मुख्य रूप से विदेशी नागरिकों (विशेषकर अफ्रीकी मूल के लोगों) और तस्करी के चेन से जुड़े स्थानीय लोगों को कैरियर के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि आरपीएप, जीआरपी के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकी जा सके।

    यह गिरोह पूर्वोत्तर के सीमावर्ती इलाकों या म्यांमार-असम बेल्ट से ड्रग्स की खेप प्राप्त कैरियर के जरिए कामाख्या या डिब्रूगढ़ से चलने वाली ट्रेनों को चुन रहा हैं।

    पकड़े न जाएं इसके लिए तस्कर बैग के निचले हिस्से, डबल लेयर ट्राली या खिलौनों और पैकेटों के भीतर कार्बन पेपर या भूरे रंग के एडहेसिव टेप से कसकर ड्रग्स छिपाते हैं।

    ताकि एक्स-रे स्कैनर या ड्रग डिटेक्शन किट की पकड़ से बच सकें। सूत्रों की मानें तो खेप को पटना, मुगलसराय और बरौनी जैसे जंक्शनों के पार करते हुए सीधे आनंद विहार टर्मिनल या उत्तर भारत के अन्य महानगरों तक पहुंचाया जा रहा है, जहां से इसे स्थानीय पैडलर्स के जरिए सप्लाई करते हैं।

    भारत-नेपाल सीमा के रास्ते अफ्रीका तस्करी

    कुछ माह पूर्व ही डीआरआई ने एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया और लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य की 1.59 किलोग्राम (कुल वजन) कोकीन जब्त किया था।

    यह गिरोह भारत-नेपाल सीमा के रास्ते अफ्रीका से भारत में मादक पदार्थों और मनोरोगी पदार्थों (एनडीपीएस) की तस्करी करता था।

    मार्च 2024 की सुबह बिहार के रक्सौल से ट्रेन से दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर पहुंचे एक भारतीय नागरिक को रोका गया और उसके पास से सफेद पाउडर युक्त 92 हल्के पीले रंग के कैप्सूल बरामद किए गए।

    खबरें और भी

    एनडीपीएस फील्ड टेस्टिंग किट से किए गए नमूने के परीक्षण में बरामद पदार्थ में कोकीन की उपस्थिति की पुष्टि हुई थी। जांच में पता चला कि खेप नई दिल्ली में एक व्यक्ति को पहुंचाई जानी थी।

    त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, द्वारका, नई दिल्ली में स्कूटी पर सवार होकर एनडीपीएस लेने आए एक नाइजीरियाई नागरिक को पकड़ा गया।

    इसके पूर्व जनवरी माह में गयाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 25 करोड़ की हाइड्रोपोनिक वीड्स (थाइलैंड का गांजा) के साथ 5 तस्कर पकड़े गए थे।

    तस्कर थाइलैंड से गयाजी फ्लाइट से हाइड्रोपोनिक वीड्स ले आए, लेकिन किसी ने उन्हें नहीं पकड़ा। गयाजी एयरपोर्ट पर ये पकड़े गए। खिलौनों को डिब्बे में तस्करों ने 25 किलो हाइड्रोपोनिक वीड्स छिपाकर रखी थी।

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