यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नीतीश कुमार कैबिनेट विस्तार: इस फॉर्मूले पर लगी मुहर... भाजपा और जदयू के खाते में जाएंगे ये विभाग
एनडीए गलियारे में यह चर्चा है कि विधानसभा में बहुमत साबित होने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाए। इसकी वजह यह समझा जा रहा कि किसी तरह की नाराजगी न ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। Nitish Kumar Cabinet Expansion मंत्री पद की चाह रखने वालों को अभी हफ्ते भर से अधिक का करना होगा इंतजार। एनडीए गलियारे में यह बात चल रही कि 10 फरवरी के बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार संभव है। वैसे यह इस बात पर सहमति बन चुकी है कि 2020 के फॉर्मूले पर ही नए मंत्रिमंडल के गठन पर मुहर लगेगी। जदयू में किन्हें मंत्री पद मिलना है यह भी तय माना जा रहा पर भाजपा से कौन मंत्री बनेगा यह अभी साफ नहीं है।
फ्लोर पर बहुमत साबित होने के बाद ही विस्तार
एनडीए गलियारे में यह चर्चा है कि विधानसभा में बहुमत साबित होने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाए। इसकी वजह यह समझा जा रहा कि किसी तरह की नाराजगी नहीं हो और किसी तरह की भीतरी बयानबाजी से परहेज किया जाना जरूरी है।
2020 के फॉर्मूले पर ही बात आगे बढ़ेगी
इस बात पर सहमति की खबर है कि 2020 के फॉर्मूले पर ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। इस वजह से महागठबंधन की सरकार में जदयू के पास रहे कुछ विभाग भाजपा के पास जा सकते हैं। वित्त एवं वाणिज्यकर विभाग 2020 में भाजपा के पास थे। तारकिशोर प्रसाद के पास यह विभाग था। अगर 2020 का फार्मूला आगे बढ़ा तो यह विभाग भाजपा के पास चला जाएगा।
इसी तरह अनुसूचित जाति व जनजाति व पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग भाजपा के खाते में जा सकता है। वर्ष 2020 के फार्मूले के तहत रेणु देवी के पास यह विभाग था पर महागठबंधन सरकार में यह विभाग जदयू के पास आ गया था।
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इन विभागों का काम जदयू को मिल सकता है
उत्पाद एवं मद्य निषेध, परिवहन, शिक्षा, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण , ऊर्जा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, जल संसाधन, ग्रामीण कार्य, ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य, अल्पसंख्यक कल्याण, समाज कल्याण व भवन निर्माण ।
भाजपा के पास जा सकते हैं ये विभाग
राजस्व एवं भूमि सुधार, कानून, खान एवं भूतत्व, पर्यटन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, श्रम संसाधन, लघु सिंचाई, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन, गन्ना उद्योग, सहकारिता, कृषि, कला संस्कृति एवं युवा, स्वास्थ्य, पथ निर्माण, पंचायती राज, उद्योग, आपदा, पर्यावरण एवं वन तथा वित्त।