यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: मौसम की ठंडक पर भारी पड़ी राजनीतिक गलियारे की गर्म सूचनाएं, लालू-नीतीश को लेकर दिनभर चली अटकलबाजी
Bihar Politics बिहार में गुरुवार को दिनभर लालू यादव और नीतीश कुमार को लेकर अटकलबाजी चलती रही। मसलन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी विधानसभा में व ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। मौसम की ठंडक पर गुरुवार को राजनीतिक गलियारे से आने वाली गरमागरम सूचनाएं भारी रही। सूचना यह आई कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गठबंधन बदलने जा रहे हैं। अब वे महागठबंधन की जगह राजग की मदद से पहले की तरह सरकार चलाएंगे। सबकुछ तय हो गया है। सिर्फ तिथि और समय की घोषणा बाकी है।
इन सूचनाओं को विभिन्न दलों के नेताओं की गतिविधियों से भी बल मिला। मसलन, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा और पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद सहित कई नेता दिल्ली बुला लिए गए हैं। उधर, जदयू खेमें से सूचना आई कि मुख्यमंत्री अपने वरिष्ठ मंत्रियों और नेताओं के साथ मंत्रणा कर रहे हैं।
'कोई विशेष बैठक नहीं थी'
बाद में बताया गया कि कोई विशेष बैठक नहीं थी। मुख्यमंत्री उन्हीं मंत्रियों-नेताओं से मिले, जिनके लिए पहले से समय निर्धारित था। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बारे में बताया गया कि वे दल के विधायकों-नेताओं से बातचीत कर रहे हैं कि अगर महागठबंधन सरकार से नीतीश कुमार अलग होते हैं तो पार्टी का क्या रूख रहेगा।
लालू की बेटी ने किए ताबड़तोड़ पोस्ट
राजद और जदयू के बीच बढ़ रही दूरी का प्रमाण लालू प्रसाद की पुत्री रोहिणी आचार्य के ताबड़तोड़ पोस्ट के हवाले से दिया गया। मुख्यमंत्री ने बुधवार को कर्पूरी जयंती पर आयोजित समारोह में राजनीति में बढ़ते परिवारवाद की आलोचना की थी। रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा था- समाजवादी पुरोधा होने का दावा वही करते हैं, जिनकी विचारधारा बदलती रहती है। बाद में उन्होंने अपना पोस्ट वापस ले लिया। इसे जदयू की आपत्ति का परिणाम बताया गया।
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राहुल की रैली में शामिल नहीं होंगे नीतीश
वैसे, दूरी को पाटने का प्रयास भी होता रहा है। शिक्षा मंत्री के पद से चंद्रशेखर की विदाई को इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की न्याय यात्रा में नीतीश कुमार के शामिल नहीं होंगे, इस सूचना को भी गठबंधन के घटक दलों के बीच मनमुटाव के रूप में दिखाया जा रहा है। एक चर्चा यह भी कि गुरुवार को कैबिनेट की बैठक बहुत कम देर तक चली। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बीच बातचीत नहीं हुई।