यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nitish Kumar ने CM हाउस में की बैठक, इनको मिली अगल-बगल की कुर्सी; झटपट हो गया 2025 का फैसला
बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए मैदान में उतरेगा। एनडीए ने 225 सीटों का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने एनडीए की ए ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। अगले वर्ष प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhan Sabha Chunav) में एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही मैदान मेंं उतरेगा। मुख्यमंत्री आवास में एनडीए के प्रदेश नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक में एनडीए नेताओं ने इस निर्णय को आगे किया। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने 225 सीट का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने एनडीए की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि हर हाल में नीचे के स्तर तक संगठन को मजबूत करना है। एनडीए की बैठक में यह स्लोगन गूंजा - 2025 फिर से नीतीश।
एनडीए की बैठक की अध्यक्षता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने की, जबकि संचालन जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने किया। बैठक में विषय प्रवेश जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कराया। हम के संतोष सुमन व लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने अपने दल का प्रतिनिधत्व किया। बता दें कि नीतीश कुमार के एक तरफ उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तो दूसरी तरफ जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा बैठे थे।

'एकजुटता ही हमारी पूंजी'
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मौके पर कहा कि राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर एनडीए की जो एकता है वह जमीनी स्तर पर भी दिखना जरूरी है। एकजुटता ही हमारी पूंजी है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राजद के 15 वर्षों के शासनकाल में बिहार की स्थिति और उसके बाद अपने कार्यकाल में हुए कार्यों की चर्चा की।
उन्होंने कहा कि 2005 के पहले बिहार में क्या स्थिति थी यह नयी पीढ़ी को नहीं मालूम है। इस बारे में नयी पीढ़ी को बताना जरूरी है। उनकी सरकार ने हर क्षेत्र मे काम किया है। शिक्षा व स्वास्थ्य के साथ-साथ आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुए कार्यों की उन्होंने चर्चा की। सात निश्चय-2 के तहत युवाओं को मिले रोजगार पर भी बात की।
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नीतीश कुमार का राजद पर निशाना
राजद पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले दंगा-फसाद हाेता रहता था। एनडीए की सरकार जब आयी तो इसे नियंत्रित किया। भागलपुर दंगा पीड़ितों का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि हमने दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाया। पीड़ितों के लिए पेंशन की व्यवस्था करायी। बिहार में उनकी सरकार में विधि-व्यवस्था की स्थिति ठीक हुई। पहले शाम हाेते ही लोग घरों में कैद हो जाते थे पर अब ऐसी स्थिति नहीं है।
केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग की भी मुख्यमंत्री ने अपने संबाेधन में चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिल रहे सहयोग के लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के प्रति आभार प्रकट करते हैं।
एनडीए की बैठक में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, रामनाथ ठाकुर, रालोमो नेता उपेंद्र कुशवाहा, जदयू के वरिष्ठ नेता बशिष्ठ नारायण सिंह, मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय चौधरी व रेणु देवी ने भी अपने विचार रखे।