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    बिहार में खाद की कोई कमी नहीं, कृषि मंत्री का दावा- डिमांड से ज्यादा है स्टॉक, कालाबाजारी पर कड़ी नजर

    Updated: Sun, 29 Mar 2026 08:28 AM (IST)

    बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने खाद की कमी की अफवाहों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि राज्य में खाद की उपलब्धता मांग से अधिक है और कालाबाजा ...और पढ़ें

    कषि मंत्री रामकृपाल यादव। फोटो जागरण

    कषि मंत्री रामकृपाल यादव। फोटो जागरण

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    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में खाद की कमी की अफवाहों के बीच कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शनिवार को प्रेस-वार्ता की। इस दौरान उन्होंने खाद की उपलब्धता और कालाबाजारी रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी।

    उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण खाद की कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है। सीमावर्ती प्रदेशों के साथ नेपाल के रास्ते खाद की कालाबाजारी पर विभागीय पदाधिकारियों की पैनी नजर है।

    कृषि मंत्री के मुताबिक जिला-स्तरीय अधिकारी खाद की उपलब्धता को लेकर प्रत्येक सप्ताह बैठक कर समीक्षा करेंगे और रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे। अभी खाद की उपलब्धता मांग से अधिक है।

    ऐसे में किसान किसी भी अफवाह पर विश्वास नहीं करें। खाद की कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर रिटेलर, स्टॉकिस्ट के साथ अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

    • कृषि मंत्री ने अफसरों को दिए निर्देश, जिलों से प्रत्येक सप्ताह खाद उलब्धता की रिपोर्ट तलब
    • 116 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी हुई है अब तक, 454 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद किए गए

    जैविक खेती के लिए सरकार की पहल

    मंत्री ने बताया कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए धरती बचाओ कमेटी का गठन किया जाएगा। पैक्सों में लाइसेंस देने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। आपदा प्रभावित किसानों को हाल के दिनों में लगभग 200 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।

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    खराब मौसम में होने वाली फसलों की क्षति को लेकर भी विभागीय अधिकारी जांच कर रहे हैं। किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए विभाग पूरी तरह सक्रिय है। प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल और निदेशक सुमन सौरभ प्रेस-वार्ता में उपस्थित रहे।

    खाद की उपलब्धता

    यूरिया 2.48 लाख टन

    डीएपी 1.43 लाख टन

    एनपीके 2.07 लाख टन

    एमओपी 0.39 लाख टन

    एसएसपी 1.02 लाख टन (28 मार्च, 2020 तक)

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