बिहार के सरकारी स्कूलों में पुरानी किताबों से भी होगी पढ़ाई, 15 अप्रैल तक पहुंचेगा नया स्टॉक
पटना के सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षा के बाद छात्रों को पुरानी किताबें जमा करने को कहा गया है। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, नई किताबों के साथ ...और पढ़ें
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बिहार के सरकारी स्कूलों में मिलेंगी नई किताबें। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, पटना। जिले के सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षा के बाद आगे की कक्षा में प्रोमोट होने वाले स्कूली बच्चों को पुरानी किताबें स्कूल में जमा करने के लिए कहा गया है। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, पुरानी जमा लेने के बाद नई किताबों को मिलाकर बच्चों को वितरित किया जाएगा।
पुरानी किताबों की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में ही बच्चों को नई किताबें दी जाएंगी। जिले में कक्षा एक से आठवीं की करीब 50 हजार पुरानी किताबें वापस होने की उम्मीद है। बहुत पुरानी और फटे हुए किताब वितरित नहीं की जाएगी। उनकी जगह नई किताबें दी जाएंगी।
सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 9वीं तक की नई किताबें पहुंचनी शुरू हो गई है। पहले चरण में नया सत्र शुरू होने से पहले चार लाख 25 हजार किताबें स्कूलों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। जिले के प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों की ओर से 7,25,189 नई किताबों की मांग की गई है।
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विभागीय आदेश के अनुसार, बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के बाद स्कूलों के निरीक्षण करने वाले अधिकारी यह भी जांच करेंगे नई किताबें उपलब्ध कराई गई हैं या नहीं। इसकी की रिपोर्ट विभाग को देंगे।
15 अप्रैल तक पहुंचाने का लक्ष्य
मांग की गई किताबों को 15 अप्रैल तक स्कूलों में पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, स्कूलों में एक अप्रैल से नए सत्र की पढ़ाई प्रारंभ होगी। प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया गया कि जब तक नई किताबें नहीं पहुंच पातीं, तब तक वे पुरानी से ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
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जिले में कक्षा एक से आठवीं तक वर्गवार नामांकित बच्चे
कुल छात्र: 5,27,623
कुल किताबें: 4,49,279
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