पटना के नौघरवा मोहल्ले में नलों से निकल रहा कीड़े के साथ बदबूदार काला पानी, लोगों की बढ़ी टेंशन
पटना सिटी के नौघरवा मोहल्ले में सरकारी नलों से एक साल से कीड़े और बदबूदार काला पानी आ रहा है, जिससे लोग बीमार हो रहे हैं और जलजनित रोगों का डर बढ़ गया ...और पढ़ें

नाला के पास से गुजरी पेयजल आपूर्ति और नल का गंदा पानी। (जागरण)
HighLights
पटना सिटी के नौघरवा मोहल्ले में दूषित पेयजल की गंभीर समस्या।
सरकारी नलों से कीड़े, जोंक और बदबूदार काला पानी आ रहा।
नमामि गंगे योजना से पाइप फटने के कारण समस्या हुई गंभीर।
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। नगर निगम के बांकीपुर अंचल अन्तर्गत वार्ड 50 के सुलतानगंज स्थित नौघरवा मोहल्ले में दूषित पेयजल की समस्या गंभीर हो गई है।
मुख्य सड़क अशोक राजपथ से सटे इस मोहल्ले के हर घर में सरकारी नल से जोंक समेत कई तरह के कीड़ों के साथ बदबूदार काला पानी गिर रहा है।
बरसात में इस पानी को हाथ लगाने से भी लोग डर रहे हैं। बच्चे, बीमार और बुजुर्ग को इस पानी के संपर्क में आने से मना किया जा रहा है। पानी जनित रोग इलाके में फैलने का डर गहराने लगा है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि घनी आबादी वाले नौघरवा इलाके की हजारों आबादी तक कटरा बोरिंग, टेकारी रोड बोरिंग, घघा घाट समेत आसपास की अन्य बोरिंग का पानी पहुंचता है।
घरों में सरकारी नल से कीचड़ व कीड़ा युक्त बदबूदार पानी लगभग एक साल से पहुंच रहा है। लोग दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे हैं।
विवश होकर कई सक्षम लोगों ने निजी बोरिंग करा लिया लेकिन अधिकांश लोग इसी सरकारी पानी पर निर्भर हैं। इसी मोहल्ला में एदारा ए शरीया बिहार का कार्यालय, नौघरवा जामा मस्जिद, बहुचर्चित लेखक व अधिवक्ता का घर है।
कई अपार्टमेंट भी हैं। समस्या के संबंध में स्थानीय पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि से बात करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
नलों से दूषित पेयजल आपूर्ति होने की वजह
स्थानीय नागरिकों ने बातचीत में बताया कि नमामि गंगे योजना के तहत गलियों को खोद कर जब से नाला निर्माण हुआ है तब से यह समस्या गंभीर हो गई है। सड़क के नीचे दबी पानी की पाइप कई जगहों पर फट गई है।
नाला का पानी फटे पाइप से होकर घरों में पहुंच रहा है। लोगों ने बताया कि नल जल योजना के तहत लोगों ने प्लास्टिक पाइप से कनेक्शन ले लिया। अधिसंख्य कनेक्शन आज मृत हो चुके हैं। पाइप टूट गया है।
कई कनेक्शन को काट कर लोगों ने बेकार छोड़ दिया है। मुख्य पाइप में नाला का पानी पहुंच रहा है। लोगों ने बताया कि इस समस्या की शिकायत संबंधित विभाग में की गई। तकनीकी टीम भी आयी लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
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दूषित पेयजल का सेवन करने से पेट संबंधित कई बीमारियां हो सकती हैं। टाइफाइड, डायरिया, हैजा, पेचिश, पीलिया, हेपेटाइटिस जैसी बीमारी होने का डर रहता है। बरसात में ऐसे मरीज बढ़ने लगे हैं। पानी अच्छी तरह उबालने और ठंडा करने बाद इस्तेमाल करें।
डॉ. अरुण कुमार, जनरल फिजिशियन
एक साल से अधिक समय से इलाके में कीचड़, कीड़ा व महकने वाला पानी नालों से घरों में आ रहा है। एक घंटा तक पानी बहाने के बाद साफ होता है। टंकी में कीचड़ जमा है।
राहुल कुमार
पानी इतना गंदा और बदबूदार होता है कि बाल्टी व बर्तन में गंदगी के साथ कीड़े तैरने लगते हैं। बच्चे डर जाते हैं। पानी को हाथ लगाने से संक्रमण होने का भय बना रहता है।
मोहीउद्दीन
नमामि गंगे योजना के तहत बने मैनहोल से पानी का पाइप कई जगहों पर शायद संपर्क में आ गया है। सुबह जब नाला में पानी अधिक बहता है तब घर के नल से जोंक व कीड़े वाला गंदा पानी आता है।
मोहम्मद राफेउज्जमा
दूषित सरकारी पानी पीकर मैं कई दिनों बीमार हूं। सूई-दवा चल रही है। कई बीमार लोग ठीक हो चुके हैं। निजी बोरिंग का पानी ही इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
नदीम अख्तर
नलों के दूषित पानी का इस्तेमाल कपड़े धोने के लिए भी नहीं किया जाता है। पीने और खाना बनाने का पानी लोगों को खरीदना पड़ता है।
अख्तर हुसैन खान, अधिवक्ता