पटना में कर्मचारियों की हड़ताल के बीच नगर निगम का फैसला: 3 शिफ्टों में होगी सफाई, इमरजेंसी फंड से ₹7.5 लाख जारी
नगर निगम कर्मियों की हड़ताल के तीसरे दिन पटना में सफाई व्यवस्था चरमरा गई, जिससे 3600 टन कचरा जमा हो गया। नगर निगम ने तीन एजेंसियों पर 22.65 करोड़ रुपय ...और पढ़ें
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HighLights
हड़ताल के तीसरे दिन पटना में 3600 टन कचरा जमा।
नगर निगम ने तीन एजेंसियों पर 22.65 करोड़ का जुर्माना लगाया।
रविवार से पुलिस सुरक्षा में तीन शिफ्ट में सफाई अभियान।
जागरण संवाददाता, पटना। नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। इससे राजधानी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। हालात बिगड़ते देख नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को रविवार से पुलिस बल की मौजूदगी में तीन शिफ्ट में विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
अगले आदेश तक हर वार्ड में जरूरत के अनुसार, अधिकतम 20 दैनिक श्रमिक रखकर सफाई कराई जाएगी। कूड़ा उठाव के लिए स्थानीय स्तर पर ट्रैक्टर, हाईवा और जेसीबी जैसे वाहन चालक सहित किराये पर लिए जाएंगे।
इन पर होने वाला खर्च संबंधित एजेंसियों के बिल से समायोजित किया जाएगा। सफाई कार्य में किसी तरह की बाधा नहीं आए, इसके लिए नगर निगम मुख्यालय ने सभी 75 वार्डों को आकस्मिक निधि से 10-10 हजार रुपये जारी किए हैं। इस तरह करीब 7.5 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत संसाधनों की व्यवस्था की जा सके।
तीन एजेंसियों पर लगाई गई पेनाल्टी
उधर, नगर निगम ने सफाई व्यवस्था प्रभावित होने पर आउटसोर्सिंग एजेंसियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार और शुक्रवार को पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मी और चालक उपलब्ध नहीं कराने पर निगम ने संबंधित तीनों एजेंसियों पर कुल 22.65 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई है। साथ ही सभी एजेंसियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
नगर निगम के अनुसार, हड़ताल शुरू होने से पहले सभी एजेंसियों को लिखित और मौखिक रूप से निर्देश दिया गया था कि किसी भी स्थिति में सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
एजेंसियों को वैकल्पिक व्यवस्था कर पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मी और चालक उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद गुरुवार और शुक्रवार को कई एजेंसियों में सफाईकर्मियों और चालकों की उपस्थिति काफी कम पाई गई।
अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन
नगर निगम ने इसे अनुबंध की शर्तों और अपने निर्देशों का गंभीर उल्लंघन माना है। इसी आधार पर अनुबंध के प्रावधानों के तहत आर्थिक दंड लगाया गया है। नगर निगम ने सभी एजेंसियों को एक दिन के भीतर संतोषजनक जवाब देने का निर्देश दिया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित एजेंसियों का अनुबंध समाप्त करने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
खबरें और भी
निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर निगरानी जारी रहेगी। यदि किसी एजेंसी में सफाईकर्मियों या चालकों की कमी पाई गई तो हर दिन के हिसाब से अलग से पेनाल्टी भी लगाई जाएगी।
एजेंसी - 30 जुलाई को पेनाल्टी (रुपये में) - 31 जुलाई को पेनाल्टी (रुपये में)
मार्यन कार्स आटो सर्विसेज एलएलपी – 11,24,39,100 11,24,39,100
वर्चुअस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड – 4,14,600 4,91,400
एमफेार साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड – 3,54,300 4,19,700
तीसरे दिन भी घर-घर से कचरा उठाव बंद रहा
हड़ताल के कारण तीसरे दिन भी घर-घर से कचरा उठाव बंद रहा। सड़कों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर कूड़े के ढेर लगे रहे। मानसून के बीच गंदगी बढ़ने से संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। तीन दिनों में शहर में करीब 3600 टन कचरा जमा हो गया है।
हालांकि, शुक्रवार रात शहर के प्रमुख मार्गों से पुलिस की सुरक्षा में कचरा उठाव किया गया था। न्यू मार्केट, एजी कालोनी, पीएनटी कालोनी, किदवईपुरी के कवि रमन पथ, इंद्रपुरी में अटल पथ की सर्विस लेन, नवीन किशोर सिन्हा पथ, मीठापुर मेन रोड, राजीव नगर मेन रोड, गांधी मैदान और गांधी घाट समेत कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे रहे।
सामान्य दिनों में पटना से प्रतिदिन लगभग 1200 टन कचरे का उठाव होता है, लेकिन हड़ताल के कारण पूरी कचरा प्रबंधन व्यवस्था प्रभावित हो गई।
मौर्य लोक परिसर में निषेधाज्ञा लागू
जिला प्रशासन ने मौर्य लोक परिसर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि राज्य सरकार ने धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग को अधिकृत स्थल घोषित किया है। इसके बावजूद पिछले तीन दिनों से हड़ताली कर्मी मौर्य लोक परिसर में धरना दे रहे थे।
इससे कार्यालयों के कामकाज, आम लोगों की आवाजाही और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। इसे देखते हुए पटना सदर के अनुमंडल पदाधिकारी ने कानून-व्यवस्था और सामान्य जनजीवन बनाए रखने के लिए यह आदेश जारी किया।
सफाई कर रहे एक कर्मी पर हमला
नगर आयुक्त ने प्रेसवार्ता में बताया कि नूतन राजधानी अंचल में सफाई कार्य कर रहे एक कर्मी पर हमला किया गया। इसके अलावा यार्ड में खड़े वाहनों के टायर पंचर करने, सफाईकर्मियों को डराने-धमकाने और काम में बाधा पहुंचाने की शिकायतें भी मिली हैं।
इन घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का निर्णय लिया है, ताकि सफाईकर्मियों की सुरक्षा बनी रहे और शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।
दूसरे दिन भी वार्ता में नहीं पहुंची कर्मचारी समन्वय समिति
नगर निगम ने हड़ताल खत्म कराने के लिए लगातार दूसरे दिन भी नगर निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन समिति का कोई प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुआ। निगम ने समिति को पत्र भेजकर पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में आने और मांगों पर बिंदुवार चर्चा करने का आग्रह किया था।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सफाईकर्मियों से शहर की स्वच्छता और जनहित को ध्यान में रखते हुए जल्द काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी किसी भी तरह की अफवाह, भ्रामक सूचना या दुष्प्रचार पर ध्यान न दें। मांगों पर सरकार और विभाग के स्तर पर ही नीतिगत निर्णय लिया जा सकता है।