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    पटना सिटी में 200 से ज्यादा ठिकानों पर फायर ऑडिट, सुरक्षा में खामियों पर नोटिस जारी

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 06:45 AM (IST)

    पटना सिटी में भीषण आग के बाद अग्निशमन विभाग ने 200 से अधिक जगहों का फायर आडिट किया, जिसमें अधिकांश स्थानों पर आग से बचाव के लिए केवल एक-दो सिलेंडर मिल ...और पढ़ें

    बेलवरगंज स्थित पटना सिटी फायर स्टेशन। (जागरण)

    बेलवरगंज स्थित पटना सिटी फायर स्टेशन। (जागरण)

    HighLights

    1. भीषण आग के बाद पटना सिटी में बढ़ा फायर आडिट।

    2. 200 से अधिक जगहों पर मिली अपर्याप्त आग सुरक्षा।

    3. अग्निशमन विभाग ने आधी-अधूरी व्यवस्था पर नोटिस जारी किए।

    अहमद रजा हाशमी, पटना सिटी। 28 जून की रात दीदारगंज थाना क्षेत्र के महुली रोड करमलीचक स्थित वनस्पति एवं खाद्य तेल गोदाम में लगी भीषण आग समेत पिछले दिनों हुई कई बड़ी घटनाओं के बाद से अग्निशमन विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

    आग से सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हर दिन जन जागरूकता कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। पिछले 10 दिनों में पटना सिटी फायर स्टेशन की तीन टीम द्वारा अपने क्षेत्र में दो सौ से अधिक जगहों का फायर आडिट किया गया।

    इनमें से अधिसंख्य में आग से बचाव के लिए केवल एक-दो सिलिंडर ही पाया गया। आधी-अधूरी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी को नोटिस जारी किया गया है।

    स्टेशन के फायर आफिसर अजय शर्मा ने बताया कि अस्पताल, क्लीनिक, जांच घर, गोदाम, मैरेज हाल, कोचिंग, लाइब्रेरी, लाज, माल, रेस्टोरेंट, होटल, कारखाना, ऊंचे भवनों आदि का आडिट किया गया।

    इनमें से अधिसंख्य में आग से सुरक्षा के नाम पर केवल एक-दो अग्निशमन सिलिंडर ही पाया गया। जरूरी जगहों पर प्रवेश व निकास द्वारा अलग-अलग नहीं मिला। बचाव के स्तर पर बरती जा रही लापरवाही शाट सर्किट तथा अन्य चूक से खतरनाक रूप ले लेती है।

    फायर ऑफिसर ने बताया कि जारी नोटिस में भवन की उपयोगिता, ऊंचाई एवं क्षेत्रफल अनुसार पानी टंकी की उपलब्धता, पाइप लाइन, अग्निशमन उपकरण लगाने तथा अन्य जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक सप्ताह से लेकर पंद्रह दिनों की मोहलत दी गई है।

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    नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद दोबारा आडिट कर गठित फायर कर्मियों की तीन टीम कमियों की जांच कर रही है। इसके बाद भी लापरवाही पाए जाने पर आगे की कार्रवाई के लिए मुख्यालय को लिखा जाता है।

    इन क्षेत्रों में हुआ फायर आडिट

    फायर ऑफिसर ने बताया कि सिटी अनुमंडल अन्तर्गत महेंद्रू मोड़, सुलतानगंज, चौधरी टोला, सैदपुर, रामपुर, भूतनाथ रोड, अशोक राजपथ किनारे, त्रिपोलिया, आलमगंज, बेलवरगंज, फतुहा, खुशरूपुर, पहाड़ी, बाजार समिति, बैरिया, गौरीचक, बाइपास, करमलीचक, दीदारगंज समेत अन्य इलाकों के संस्थानों, गोदामों, कोचिंग, अस्पताल, मैरेज हाल, रेस्टोरेंट, माल आदि का फायर आडिट किया गया है। स्थल निरीक्षण कर आडिट जारी है।

    आडिट के दौरान दिए गए निर्देश, जेनरेटर जरूरी

    फायर ऑफिसर ने बताया कि अग्निशमन विभाग से एनओसी प्राप्त करने के लिए लोग लगातार आवेदन जमा कर रहे हैं। इस आधार पर स्थल निरीक्षण कर आडिट करने के दौरान बिजली उपकरणों के साथ वायरिंग की नियमित जांच कराने, फायर अलार्म सिस्टम, धुआं होने पर अलर्ट करने के लिए स्मोक डिटेक्टर, फायर हाज रील, रेत या पानी से भरी बाल्टी, आग पर स्वत: पानी छिड़काव के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम, बड़े भवनों में हाइड्रेंट सिस्टम, इसे चलाने के लिए जेनरेटर, आपातकालीन निकास, इमरजेंसी लाइट लगाने के लिए कहा जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि आग लगते ही बिजली कटती या काट दी जाती है। बड़े भवन व संस्थान में पंप के साथ पाइपलाइन होता है लेकिन बिजली न होने पर यह काम नहीं करता। ऐसी जगहों पर जेनरेटर की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।

    सात से 10 दिनों में दिया जा रहा एनओसी

    अजय शर्मा ने बताया कि जांच, नोटिस और कमियों दूर होने, शुल्क जमा करने के साथ जरूरी प्रक्रिया पूरी कर सात से 10 दिनों के अंदर आवेदनकर्ता को जिला फायर आफिसर स्तर से एनओसी जारी किया जा रहा है।

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