पटना में बाढ़ का खतरा: 50 मीटर के पार गया जलस्तर तो राजधानी के निचले इलाकों में घुसेगा पानी
पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे गुलबी और कृष्णा घाट तक पानी पहुंच गया है। ...और पढ़ें

गुलबी घाट तक पहुंचा गंगा का जलस्तर, तेजी से बढ़ रहा पानी। (जागरण)
HighLights
पटना में गंगा का जलस्तर गुलबी व कृष्णा घाट तक पहुंचा।
गांधी घाट पर अभी खतरे के निशान से 2.23 मीटर नीचे।
प्रयागराज-वाराणसी से पानी आने पर बाढ़ का खतरा बढ़ेगा।
जागरण संवाददाता, पटना। प्रयागराज-वाराणसी से अभी पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन राजधानी में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर गुलबी व कृष्णा घाट तक पहुंच गया।
हालांकि, गांधी घाट पर जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से 2.23 मीटर नीचे है। माना जाता है कि गांधी घाट पर जलस्तर के खतरे के निशान पार करते ही जिले में बाढ़ की आशंका बढ़ जाती है।
इसे देखते हुए आने वाले कुछ दिनों को बाढ़ नियंत्रण विभाग अहम मान रहा है। प्रयागराज, वाराणसी और बक्सर में गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर दो से तीन दिन में पटना में दिखने की आशंका है।
अधिकारियों का अनुमान है कि यहां से पानी राजधानी पहुंचने पर गांधी घाट पर जलस्तर में ढाई से तीन मीटर तक बढ़ सकता है। ऐसे में यदि जलस्तर 50 मीटर के पार पहुंचा तो राजधानी के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा काफी बढ़ जाएगा।
गंगा-सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, दीघा की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार की सुबह छह बजे तक दीघा, गांधी घाट, मनेर व हाथीदह समेत जिले के सभी प्रमुख गेज स्टेशनों पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे था।
एडीएम आपदा डीपी शाही ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी स्थिति सामान्य है और सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं।
बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल की रिपोर्ट के अनुसार, दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 46.71 मीटर है जो खतरे के निशान 50.45 मीटर से 3.74 मीटर नीचे है। वहीं, गांधी घाट पर जलस्तर 46.37 मीटर है जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 2.23 मीटर कम है। मनेर में जलस्तर 47.60 मीटर और हथीदह में 38.75 मीटर दर्ज किया गया।
बढ़ रहा जलस्तर
इन सभी स्थानों पर गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। वर्तमान में गंगा के जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण सोन व गंडक नदियों का बढ़ा हुआ प्रवाह है।
नेपाल में लगातार हो रही बारिश तथा कोसी, बागमती जैसी नदियों में आई बाढ़ का भी असर देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, पुनपुन नदी के श्रीपालपुर गेज पर जलस्तर 47.75 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 50.60 मीटर से 2.85 मीटर नीचे है और इसमें भी बढ़ोतरी जारी है।
वहीं, सोन नदी के इंद्रपुरी में जलस्तर स्थिर है जबकि कोइलवर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट में पटना शहरी सुरक्षा दीवार, दानापुर वितरणी तटबंध, देवना नाला और उसरी नाला के दोनों तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी भी स्थान से कटाव या तटबंध पर दबाव की सूचना नहीं मिली है।