Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कोसी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी, बराज के 22 फाटक खोले गए; तटबंध पूरी तरह सुरक्षित

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 11:52 PM (GMT+05:30)

    मानसूनी बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है, जिसके चलते कोसी बराज के 22 फाटक खोलकर पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    HighLights

    1. कोसी नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

    2. कोसी बराज के 22 फाटक खोलकर पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा गया।

    3. बाढ़ नियंत्रण विभाग स्थिति पर 24 घंटे निगरानी कर रहा है।

    संवाद सहयोगी, वीरपुर (सुपौल)। कोसी नदी के कैचमेंट क्षेत्र और मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर हो रही मानसूनी बारिश के बीच नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

    जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए कोसी बराज के 56 फाटकों में से 22 फाटक खोलकर पानी डाउन स्ट्रीम की ओर छोड़ा जा रहा है।

    बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी तटबंध सुरक्षित हैं। गुरुवार सुबह छह बजे बराहक्षेत्र में कोसी नदी का जलप्रवाह 1,07,000 क्यूसेक बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया, जबकि कोसी बराज पर यह 1,72,115 क्यूसेक घटते क्रम में रिकॉर्ड किया गया।

    इसमें से 3,200 क्यूसेक पानी पश्चिमी कोसी मुख्य नहर में छोड़ा गया, जबकि शेष 1,68,915 क्यूसेक पानी डाउन स्ट्रीम की ओर प्रवाहित किया गया।

    सुबह 10 बजे बराहक्षेत्र में जलप्रवाह बढ़कर 1,15,000 क्यूसेक हो गया, जबकि कोसी बराज पर 1,65,265 क्यूसेक जलप्रवाह स्थिर दर्ज किया गया। इसके बाद दोपहर 12 बजे बराहक्षेत्र में जलप्रवाह बढ़कर 1,23,500 क्यूसेक पहुंच गया, जबकि बराज पर जलप्रवाह 1,65,265 क्यूसेक पर स्थिर बना रहा।

    दोपहर दो बजे बराहक्षेत्र में जलप्रवाह बढ़कर 1,32,500 क्यूसेक और कोसी बराज पर 1,69,045 क्यूसेक दर्ज किया गया। इस दौरान भी 3,200 क्यूसेक पानी पश्चिमी कोसी मुख्य नहर में छोड़ा गया, जबकि 1,65,845 क्यूसेक पानी कोसी बराज के 22 फाटक खोलकर डाउन स्ट्रीम की ओर प्रवाहित किया गया।

    जल प्रवाह में और हो सकती है वृद्धि

    विभाग ने जलप्रवाह में और वृद्धि की संभावना जताई है। मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण, वीरपुर ई. संजीव शैलेश ने बताया कि बढ़ रहे जलप्रवाह को सामान्य रूप से नदी के मध्य भाग से प्रवाहित किया जा रहा है।

    खबरें और भी

    उन्होंने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटबंध अपने सभी अवयवों के साथ पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके बावजूद संवेदनशील स्थलों सहित पूरे तटबंध क्षेत्र में अभियंताओं एवं कर्मियों की टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है।

    उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी सूचना के लिए केवल प्रशासन एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

    यह भी पढ़ें- मधेपुरा: कोसी नदी में समा गई 500 एकड़ खेतिहर जमीन, DM-SP को किसानों ने सुनाई पीड़ा