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    बिहार में अवैध अस्पतालों पर पटना हाई कोर्ट सख्त, नए दिशा-निर्देश जारी करने का दिया आदेश

    Updated: Fri, 01 May 2026 05:38 PM (GMT+05:30)

    पटना हाईकोर्ट ने बिहार में बिना पंजीकरण और मानक के चल रहे क्लीनिकों, नर्सिंग होम और अस्पतालों पर सख्त रुख अपनाया है। ...और पढ़ें

    पटना हाई कोर्ट। (जागरण)

    पटना हाई कोर्ट। (जागरण)

    HighLights

    1. पटना हाईकोर्ट ने अवैध क्लीनिकों पर सख्ती दिखाई।

    2. राज्य सरकार को नियामक दिशा-निर्देश बनाने का आदेश।

    3. वैशाली के 'लकवा पोलियो सेंटर' पर लगा जुर्माना।

    जागरण संवाददाता, पटना। बिहार में बिना पंजीकरण और मानक के चल रहे क्लीनिकों, नर्सिंग होम और अस्पतालों पर पटना हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है।

    न्यायाधीश राजीव राय की पीठ ने स्पष्ट कहा कि हर जान कीमती और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी।

    कोर्ट ने राज्य सरकार को 1 से 40 बेड वाले छोटे अस्पतालों के लिए जल्द ठोस नियामक दिशा-निर्देश लागू करने को कहा है।

    वैशाली जिले में बिना लाइसेंस संचालित 'लकवा पोलियो सेंटर' को सील करने से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य में फैल रहे अवैध क्लीनिकों पर गहरी चिंता जताई।

    कोर्ट ने भोजपुर के उस चर्चित मामले का भी जिक्र किया, जिसमें एक मरीज की मौत के बाद जांच में 81 नर्सिंग होम अवैध रूप से संचालित पाए गए थे।

    सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रशांत प्रताप और अपर लोक अभियोजक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि छोटे अस्पतालों के नियमन के लिए नीति अंतिम चरण में है। 4 मार्च 2025 की अधिसूचना के तहत 1–40 बेड वाले अस्पतालों को अस्थायी छूट दी गई थी।

    इसके बाद 20 फरवरी 2026 को डॉ. रेखा झा की अध्यक्षता में गठित समिति अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है। मसौदे को विधि विभाग की मंजूरी मिल चुकी है और फिलहाल यह वित्त विभाग के पास विचाराधीन है।

    1 लाख का जुर्माना

    सिविल सर्जन के हलफनामे के अनुसार, वैशाली के राजापाकर में संचालित क्लीनिक न तो पंजीकृत था और न ही वहां योग्य डॉक्टर मौजूद थे।

    प्रशासन ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए केस संख्या दर्ज किया है। हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को अगली सुनवाई तक प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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