पटना हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बिना फिटनेस वाले व्यावसायिक वाहनों पर होगी कार्रवाई
पटना हाई कोर्ट ने बिना वैध पंजीकरण या फिटनेस प्रमाण पत्र के व्यावसायिक वाहनों के संचालन को अवैध घोषित किया है। कोर्ट ने 15 वर्ष से पुराने वाहनों पर रो ...और पढ़ें

पटना हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बिना फिटनेस वाले व्यावसायिक वाहनों पर होगी कार्रवाई

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विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट ने व्यावसायिक वाहनों के संचालन पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि पंजीकरण अवधि समाप्त होने के बाद या वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना सड़कों पर ऐसे वाहनों का परिचालन पूरी तरह अवैध है।
मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और न्यायाधीश हरीश कुमार की खंडपीठ ने इस संबंध में स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
सुनवाई के दौरान न्यायालय के सहयोगी अधिवक्ता अमिष कुमार ने कोर्ट को अवगत कराया कि 15 वर्ष से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर पटना नगर निगम, दानापुर, खगौल और फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
उन्होंने मोटर वाहन (पंजीकरण और वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के कार्य) नियम, 2021 के विभिन्न प्रावधानों—नियम 5, 6, 8 और 13—का हवाला देते हुए बताया कि पुराने वाहनों के स्क्रैपिंग की स्पष्ट प्रक्रिया और मानदंड तय हैं।
वहीं, राज्य की ओर से सरकारी अधिवक्ता विकास कुमार ने दलील दी कि 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों के पंजीकरण नवीनीकरण का अधिकार सक्षम प्राधिकार को प्राप्त है।
मामले पर सुनवाई के बाद खंडपीठ ने निर्देश दिया कि व्यावसायिक वाहनों के पंजीकरण और फिटनेस की वैधता का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से ऐसे वाहनों की पहचान कर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 जून को निर्धारित की है।
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