पटना शराब कांड में नया मोड़: मंत्री बोले- 'जहरीली शराब से इतनी जल्दी मौत नहीं', FSL रिपोर्ट खोलेगी राज
पटना में मछली और शराब पार्टी के बाद चार दोस्तों की मौत के मामले में प्राथमिक जांच में शराब में ...और पढ़ें

मद्य निषेध एवं उत्पाद मंत्री मदन सहनी
HighLights
पटना में चार दोस्तों की मौत के मामले में जांच जारी।
प्राथमिक जांच में शराब में मेथनाल नहीं पाया गया।
विस्तृत जांच के लिए शराब एफएसएल लैब भेजी गई।
राज्य ब्यूरो, पटना। बाढ़ में मछली और शराब पार्टी कर रहे चार दोस्तों की मौत के मामले में पुलिस और मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग की प्राथमिक जांच में शराब में मेथनाल नहीं पाया गया है।
हालांकि, विस्तृत वैज्ञानिक जांच के लिए जब्त शराब की बोतल को विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा गया है, इसके बाद ही यह तय हो पाएगा कि मौत जहरीली शराब से हुई या किसी जहरीली पदार्थ के बाहर से मिलाने पर।
इस मामले में मद्य निषेध एवं उत्पाद मंत्री मदन सहनी ने कहा कि विभाग के स्तर से भी इसकी जांच कराई गई है। जांच में पता चला है कि घटनास्थल पर पांच लोग मौजूद थे। चार लोगों के द्वारा शराब का सेवन किया गया है, जबकि पांचवां गायब है। उसको पुलिस खोज रही है।
मंत्री ने कहा कि अगर शराब से मौत होती तो सबसे पहले पेट दर्द होता या आंख की रोशनी जाती। अमूमन जहरीली शराब से इतनी जल्दी मौत नहीं होती है। शवों का पोस्टमार्टम हुआ है। शराब की जांच भी कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह निष्कर्ष निकल पाएगा कि शराब से मौत हुई है या जहरीली पदार्थ के मिलावट से।
उन्होंने कहा कि फोटो और तस्वीरों में विदेशी शराब की बोतल दिख रही है। अगर ऐसा होता तो और भी जगह इस तरह के मामले आते।
मंत्री ने कहा कि शराब की खेप पकड़ने में पुलिस अब मुस्तैदी से काम कर रही है। जिस कंपनी की शराब पकड़ी जा रही है, उसको नोटिस भी दिया जा रहा है। डीजीपी ने भी समीक्षा इसकी समीक्षा की है। शराब और सूखे नशे से जुड़े 60 बड़े तस्करों को चिह्नित किया गया है, जिनमें 12 के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया है।
