पटना के स्कूलों में महंगी हुई पढ़ाई, फीस-किताबों की कीमतों में 15-30% वृद्धि, NCERT से 7-8 गुना ज्यादा दाम
पटना के निजी स्कूलों में इस साल फीस में 15-20% और किताबों की कीमतों में 25-30% की बढ़ोतरी हुई है। अभिभावक संघ के अनुसार, स्कूल नामांकन, री-एडमिशन, कित ...और पढ़ें

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समय कम है?
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रवि कुमार, पटना। हर वर्ष की तरह इस बार भी निजी स्कूलों में फीस के साथ किताबों के कीमत में वृद्धि की गई है। इस बार स्कूल के साथ ट्यूशन फीस में भी बढ़ोतरी की गई है।
फीस में 15 से 20 तो किताबों की कीमत में 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। एनसीईआरटी की तुलना में निजी प्रकाशन किताबें अभिभावकों को सात से आठ गुना अधिक कीमत पर खरीदनी पड़ रही हैं।
स्कूल संचालक एनसीईआरटी किताब के साथ निजी प्रकाशन के साइड बुक भी प्रत्येक वर्ग में चला रहे हैं। आल इंडिया अभिभावक संघ के अध्यक्ष राकेश राय ने बताया कि हर साल स्कूल मनमाने तरीके से फीस वृद्धि करते हैं। इस बार नामांकन से लेकर री-एडमिशन, किताब-कापी, विकास, वर्दी आदि के नाम पर शिक्षा के बाजार में अभिभावक ठगे जा रहे हैं।
नौवीं-दसवीं कक्षा की एनसीईआरटी की किताबें एक हजार से 1,300 रुपये तक में आ जाती हैं। वहीं, निजी स्कूलों में लगी किताबें छह से आठ हजार में आती हैं। प्रत्येक वर्ष अधिकतम 15-20 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाती रही है। अभिभावकों की मानें तो इस बार उससे अधिक वृद्धि की गई है।
स्कूल संचालक बताते हैं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व शिक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी के लिए फीस में वृद्धि की जाती है। फीस से प्राप्त राशि का 25 से 30 प्रतिशत शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी में जाती है।
स्कूल काउंटर पर बिक रही किताब-कॉपी
राजधानी के कुछ स्कूलों ने अपने परिसर में या अलग किसी प्रकाशन के माध्यम से काउंटर खोल रखा है। वहां से ही किताब-कापी लेने की अनिवार्यता है। अभिभावकों को एक कार्ड थमा दिया जाता और कहा जा रहा कि उक्त पते पर जाकर किताब-कापी प्राप्त कर लें। साथ ही स्कूल की ओर से वर्दी और बैग के लिए भी काउंटर लगाए गए हैं।
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कॉपी पर स्कूल का नाम दर्ज
होल सेल में जो कापी 20-25 रुपये मिल रही, वही स्कूल के काउंटर पर 40 से 45 रुपये में। स्कूल के नाम अंकित होने वाली कापी की वजह से अभिभावक हाल सेल दुकान से नहीं खरीद सकते हैं।
छात्रों की संख्या के आधार पर होती फीस वृद्धि
बिहार पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. डीके सिंह ने बताया कि निजी स्कूल अपने यहां नामांकित छात्रों की संख्या के आधार पर फीस तय करते हैं। जहां तक किताब की कीमत की बात है प्रत्येक स्कूल एनसीईआरटी के अलावा निजी प्रकाशन की साइड बुक भी चलाते हैं। यह सही है कि एनसीईआरटी की तुलना में निजी प्रकाशन की साइड बुक अधिक कीमत पर मिलती है।
किताबों की कीमत इस प्रकार
| कक्षा | फीस रेंज (प्रति वर्ष) |
|---|---|
| एल.केजी (LKG) | ₹2,300 – ₹3,000 |
| यू.केजी (UKG) | ₹3,000 – ₹4,000 |
| पहली (Class 1) | ₹4,000 – ₹5,500 |
| दूसरी (Class 2) | ₹4,200 – ₹5,700 |
| तीसरी (Class 3) | ₹5,500 – ₹6,200 |
| चौथी (Class 4) | ₹5,800 – ₹7,000 |
| पांचवीं (Class 5) | ₹6,000 – ₹7,200 |
| छठी (Class 6) | ₹6,000 – ₹7,500 |
| सातवीं (Class 7) | ₹6,500 – ₹7,800 |
| आठवीं (Class 8) | ₹7,000 – ₹7,800 |
| नौवीं (Class 9) | ₹6,500 – ₹7,800 |
| दसवीं (Class 10) | ₹6,500 – ₹7,800 |
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