Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पटना में गंगा किनारे धूल फांक रहा 12 करोड़ का जहाज, 8 महीने बाद भी क्यों नहीं शुरू हो पाई वाटर मेट्रो?

    Updated: Thu, 21 May 2026 06:25 AM (IST)

    पटना में गंगा नदी में वाटर मेट्रो सेवा के लिए लाई गई 12 करोड़ की इलेक्ट्रिक जहाज 'एमवी-गोमधरकुंवर' आठ महीने से गायघाट पर निष्क्रिय पड़ी है। परिवहन विभ ...और पढ़ें

    इलेक्ट्रॉनिक जहाज। फोटो जागरण

    इलेक्ट्रॉनिक जहाज। फोटो जागरण

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, पटना सिटी। पटना के गंगा में वाटर मेट्रो शुरू करने के लिए गुजरात के भाव नगर में 20 सितंबर 2025 को बिहार सरकार के पर्यटन विभाग एवं भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के बीच हुए समझौता हुआ था।

    आठवें ही दिन 27 सितंबर 2025 को पटना पहुंचा, लगभग 12 करोड़ रुपए की लागत वाला इलेक्ट्रिक जहाज ''एमवी-गोमधरकुंवर'' आज भी पटना के गायघाट स्थित बंदरगाह के समीप गंगा में धूल फांक रहा है।

    सुरक्षा के लिए जहाज पर एक गार्ड तैनात कर दिया गया है। बिहार के परिवहन विभाग द्वारा इस जहाज का रजिस्ट्रेशन करने और पर्यटन विकास निगम द्वारा दीघा घाट से कंगन घाट के बीच चार जगहों पर चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम पूरा नहीं होने के कारण पटना के गंगा में वाटर मेट्रो का आनंद उठाने का लोगों का सपना अधर में लटका है।

    पर्यटन विकास निगम के पदाधिकारी ने बताया की वाटर मेट्रो गंगा में शुरू करने के लिए गांधी घाट पर चार्जिंग स्टेशन बन चुका है। दीघा घाट और कंगन घाट पर चार्जिंग स्टेशन बनाया जाना है।

    उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रनिक जहाज को परिवहन विभाग से रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया जारी है। इस जहाज के परिचालन के लिए एजेंसी तय की जा रही है।

    दीघा घाट से कंगन घाट तक होगा परिचालन

    IWI पटना के निदेशक अरविंद कुमार के अनुसार, 50 पर्यटकों के बैठने और 25 के खड़े होने की क्षमता वाले इस वातानुकूलित जहाज का परिचालन पर्यटन विकास निगम द्वारा दीघा घाट से कंगन घाट के बीच किया जाना है।

    यह जहाज निगम को सुपुर्द कर दिया गया है। बेहद खूबसूरत दिखने वाले के इस स्वदेशी जहाज को लगभग बारह करोड़ रुपए की लागत से कोलकाता के हावड़ा में हुगली नदी के तट पर हुगली कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है।

    निदेशक ने बताया कि ''एमवी-गोमधरकुंवर'' का गंगा में तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। गायघाट में लगाए गए तैरते सामुदायिक जेटी पर चार्जिंग प्वाइंट लगा है।

    दीघा घाट से कंगन घाट के बीच होगा परिचालन

    प्रथम चरण में पटना के गंगा में वाटर मेट्रो दीघा घाट से कंगन घाट तक शुरू होगा। जहाज में लगी दो बैट्री को चार्ज करने के लिए गायघाट स्थित सामुदायिक जेटी पर चार्जिंग प्वाइंट लगा है।

    खबरें और भी

    आधे घंटे में चार्ज होने वाली बैट्री से जहाज लगभग डेढ़ घंटा चलेगा। वाटर मेट्रो सेवा को दानापुर के नासरीगंज, कोनहारा घाट, सोनपुर, हरिहरनाथ, पानापुर तक विस्तार देने की योजना है।

    सीट पर बैठ कर गंगा का नजारा देखेंगे पर्यटक

    42 मीटर लंबे इस वातानुकूलित इलेक्ट्रिक जहाज में 50 कुर्सियां लगी है। एक बड़ा हाल जैसी जगह में 25 यात्री खड़े रह सकते हैं। इस हाल में चार बड़े एसी लगे हैं। सीसीटीवी कैमरे, एलसीडी और साउंड सिस्टम है।

    यात्रियों को आने वाले स्टेशनों से अन्य जानकारी इनके माध्यम से दी जाएगी। हाल के चारो ओर बड़े-बड़े शीशे लगे हैं। बैठे और खड़े यात्री हाल के अंदर से ही गंगा के बाहर का विहंगम दृश्य देख और कैमरे में कैद कर सकेंगे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी व्यवस्था इस जहाज में है।

    यह भी पढ़ें- सहरसा में मिड-डे मील खाने से 150 छात्र बीमार: हाईकोर्ट ने सरकार और एजेंसी पर उठाए सवाल; SP से मांगी रिपोर्ट

    यह भी पढ़ें- घायलों को मात्र 1 रुपये में मिलेगी हेलीकॉप्टर की सेवा, बिहार के 'हेलमेट मैन' यूपी से करेंगे बड़े मिशन की शुरुआत