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    प्रशांत किशोर का चुनाव आयोग को अल्टीमेटम, जीविका दीदियों को चुनावी प्रक्रिया से नहीं हटाने पर देंगे धरना

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 07:33 PM (IST)

    प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि जीविका दीदियों को चुनावी प्रक्रिया से हटाया जाए, अन्यथा वे धरना देंगे। उन्होंने सरकारी ...और पढ़ें

    प्रशांत किशोर। फाइल फोटो

    प्रशांत किशोर। फाइल फोटो

    HighLights

    1. प्रशांत किशोर ने जीविका दीदियों के चुनावी उपयोग पर EC को अल्टीमेटम दिया।

    2. सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और भाजपा के पक्ष में मतदान का आरोप लगाया।

    3. तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठाए।

    जागरण संवाददाता, पटना। अगर काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के लोग यहां आते हैं और छात्रों के साथ उनके मुद्दों से जुड़कर काम करते हैं, तो उनका हम लोग स्वागत करते हैं। सोनम वांगचुक मेरे मित्र हैं। उक्त बातें जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने रविवार सुबह प्रेसवार्ता में कहीं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि उपचुनाव में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। जीविका दीदियों के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि वे भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे, तो सरकारी योजनाओं का लाभ बंद कर दिया जाएगा।

    इस मामले में चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक से शिकायत की गई है और आयोग को 24 घंटे का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में जीविका दीदियों को चुनावी प्रक्रिया से अलग नहीं किया गया, तो वह स्वयं पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे।

    भाजपा को अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं और संसाधनों के इस्तेमाल का अधिकार है, लेकिन चुनाव में जीविका दीदियों और अर्धसरकारी कर्मियों को लगाने का विरोध किया जाएगा।

    धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा, यह सिलसिला अब रुकेगा नहीं

    प्रशांत किशोर ने कहा, दिल्ली में प्रदर्शन सिर्फ सोनम वांगचुक और सीजेपी का नहीं था। बेहतर भविष्य के लिए युवाओं का था। दुनिया का सबसे बड़ा दल बताने वाली भारतीय जनता पार्टी के अंदर की सारी हेकड़ी तीन दिनों में हवा हो गई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।

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    उन्होंने कहा कि यह सिलसिला अब रुकने वाला नहीं है। पीके ने आरोप लगाया कि जसुपा के कार्यकर्ताओं के ठहरने वाले होटलों में लगातार जांच हो रही है, जबकि भाजपा नेताओं के ठहरने और खर्च की जांच नहीं की जा रही है।

    उनका कहना था कि चुनाव में सभी दलों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। एक सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर का चुनाव भाजपा और जसुपा के बीच नहीं, बल्कि सत्ता और जनता के बीच की लड़ाई है। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न दलों के लोग बदलाव के लिए जन सुराज का समर्थन कर रहे हैं।

    जसुपा को समर्थन देने के बाद तेज प्रताप को किया गया गिरफ्तार

    प्रशांत किशोर ने कहा कि जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने शुक्रवार को जसुपा को समर्थन दिया और उन्हें गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया गया। यह दिखाता है कि कितना यह लोग डरे हुए हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में इतने सारे बच्चे थे, उसमें से एक आदमी को गिरफ्तार करने का क्या मतलब है? किस धारा के अंतर्गत और क्यों गिरफ्तार किया गया, यह पुलिस-प्रशासन को बताना चाहिए।

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