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    मजार, मस्जिद और हज भवन का संयोग; बीजेपी ने ली चुटकी, बिहार में बंगले पर घमासान तेज

    Updated: Sun, 31 May 2026 10:46 PM (IST)

    Rabri Devi Bungalow Row: राबड़ी देवी पुराने बंगले को छोड़ने से इनकार कर रही हैं, जिसे अब एक अनुसूचित जाति के मंत्री को आवंटित किया गया है। ...और पढ़ें

    राबड़ी देवी। (Photo: PTI)

    राबड़ी देवी। (Photo: PTI)

    HighLights

    1. राबड़ी देवी पुराने बंगले को छोड़ने से कर रही इनकार।

    2. सरकार ने बंगला अनुसूचित जाति के मंत्री को आवंटित किया।

    3. लालू परिवार राजनीतिक प्रतिशोध बताकर सहानुभूति बटोर रहा है।

    राज्य ब्यूरो, पटना। पुराने बंगले (10, सर्कुलर रोड) से भावनात्मक लगाव और नए बंगले (39, हार्डिंग रोड) के साथ अपशकुन की अधकचरी गाथाएं, राबड़ी देवी को व्यामोह में डाले हुए हैं। सरकार का दबाव भी तगड़ा है।

    अनुसूचित जाति से आने वाले मंत्री नंदकिशोर राम को 10, सर्कुलर रोड आवंटित कर लालू परिवार को जाति के फांस से घेरा दिया है।

    अब लालू परिवार इस बंगले के बहाने बलिदानी छवि बनाने की जुगत में है। इसीलिए पार्टी नेता तथ्यों-तर्कों के साथ मुखर किए गए हैं, ताकि पुराने बंगले में डटे रहने की जिद जनाधार के आड़े न आए।

    जिद पर अड़ी राबड़ी

    उल्लेखनीय है कि राबड़ी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से पुराने बंगले को छोड़ने और नए बंगले में जाने का निर्देश है। राबड़ी ने इससे साफ मना कर दिया है।

    राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल इसे लालू परिवार के साथ ज्यादती मान रहे और भाजपा पर संप्रभु मानसिकता का आरोप लगा रहे।

    बंगला किसी की जायदाद नहीं

    प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन का कहना है कि सरकारी बंगला भाजपा-जदयू जदयू की मौरुसी या जिराती जायदाद नहीं, जो जब मन करे किसी को दें और जब चाहें छीन लें! कोई नियम अगर पक्षपाती होगा, तो उसका विरोध किया जाएगा।

    उनके कुछ तर्क हैं। जैसे कि विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को वही बंगला मिला, जिसमें वे मंत्री की हैसियत से रहते थे। विजय कुमार चौधरी जी को पुराना बंगला उप मुख्यमंत्री की हैसियत से आवंटित हो गया। ...तो फिर राबड़ी के साथ आपत्ति क्यों?

    पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अकेले हैं ओर उन्हें 7, सर्कुलर रोड का आलीशान बंगला मिला। उनके पुत्र निशांत कुमार अकेले हैं और उन्हें 2, देशरत्न मार्ग आवंटित हो गया। सभी मंत्रियों को दो-दो आवास मिले।

    एक मंत्री के नाम पर और एक विधान मंडल सदस्य के रूप में। जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा सत्ताधारी नेताओं के एशो-आराम पर खर्च किया जा रहा है।

    नैरेटिव सेट कर रहे नंदकिशोर

    साक्ष्य दिखाते हुए राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद बताते हैं कि नंदकिशोर को 11 मई को 21, हार्डिंग रोड का बंगला आवंटित हुआ। उसके बाद जाने किसके इशारे पर 27 मई को 10, सर्कुलर रोड का आवंटन कर दिया गया।

    यह समझ से परे है कि हार्डिंग रोड वाले बंगले में नंदकिशोर क्यों नहीं गए। अब राजनीति नैरेटिव सेट करने के लिए सरकार के इशारे पर उलूल-जूल बयान दे रहे। उनके बयान से सरकार के विरोधाभासी राजनीति स्पष्ट हो जाती है।

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    बंगला है कि भूतबंगला 

    राजद-जनों से मुंहामुंही सुना जा रहा कि 39, हार्डिंग रोड बंगला नहीं, भूतबंगला है। इसमें रहने जो गया, उसका राजनीतिक करियर समाप्त-प्राय: हो गया। बंगले में जो रहे, दोबारा मंत्री नहीं बन पाए।

    राजद के भूपेंद्र प्रसाद वर्मा, शमीम अहमद, कांग्रेस के मदन मोहन झा, भाजपा के चंद्रमोहन राय, विनोद नारायण झा और रामसूरत राय उदाहरण हैं। 

    भाजपा ने ली चुटकी

    इस बंगले के दायरे में पुराना मजार है। पीछे की ओर मस्जिद और दूसरी ओर हज भवन। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल कहते हैं कि लालू परिवार के लिए इससे सुखद क्या होगा! उल्लेखनीय है कि ये सभी प्रतीक-स्थल मुसलमानों से जुड़े हैं, जो राजद के जनाधार का एक अंश है।

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