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    जिद या 'अनलकी' बंगला? राबड़ी देवी क्यों खाली नहीं कर रहीं आवास

    Updated: Sun, 31 May 2026 08:16 PM (GMT+05:30)

    राबड़ी देवी ने पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने से इनकार कर दिया है, जबकि भवन निर्माण विभाग ने उन्हें तीसरी बार नोटिस भेजा है। ...और पढ़ें

    बंगला को लेकर बढ़ा विवाद। (जागरण)

    बंगला को लेकर बढ़ा विवाद। (जागरण)

    HighLights

    1. राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने से मना किया।

    2. सरकार ने तीसरी बार खाली करने का नोटिस भेजा है।

    3. नए 39 हार्डिंग रोड बंगले को 'अनलकी' मानती हैं।

    डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की राजधानी पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली कराने का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में तब्दील हो चुका है।

    पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के इस घर को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खींचतान तेज हो गई है।

    भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री को तीसरी बार इस बंगले को खाली करने का आधिकारिक नोटिस भेजा है, लेकिन राबड़ी देवी ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि वह किसी भी परिस्थिति में इस घर को नहीं छोड़ेंगी।

    'चाहे पुलिस बुला लें, बंगला खाली नहीं होगा'

    नोटिस मिलने के बाद राबड़ी देवी ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चाहे जितना भी पुलिस बल तैनात कर ले, मैं यह आवास खाली नहीं करने वाली। सरकार को जो कार्रवाई करनी है, वो पुलिस भेजकर करवा ले।

    इस बयान के कुछ ही घंटों बाद पटना सचिवालय थाने की पुलिस और जिला प्रशासन की टीम राबड़ी देवी के आवास पर पहुंची।

    अधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और बंगला खाली करने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी है।

    क्या है पूरा मामला?

    राबड़ी देवी साल 2006 से पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से इस 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले में रह रही हैं। हालांकि, वर्तमान में उन्हें नेता प्रतिपक्ष का पद मिलने के कारण 39 हार्डिंग रोड स्थित एक नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है।

    सरकारी नियमों और सूत्रों के मुताबिक, 10 सर्कुलर रोड वाला यह बंगला अब बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर राम के नाम आवंटित हो चुका है।

    नए बंगले (39 हार्डिंग रोड) से क्यों कतरा रही हैं राबड़ी देवी?

    इस पूरे विवाद के पीछे एक राजनीतिक अंधविश्वास या अशुभ होने का डर भी सामने आ रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राबड़ी देवी को आवंटित नया बंगला (39 हार्डिंग रोड) बेहद अनलकी माना जाता है।

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    ऐसा कहा जाता है कि इस बंगले में रहने वाले नेताओं का राजनीतिक सफर ढलान पर आ जाता है और वे दोबारा कभी कैबिनेट में जगह नहीं बना पाते।

    39 हार्डिंग रोड स्थित आवास पर रह चुके हैं ये नेता?

    • भूपेंद्र प्रसाद वर्मा (आरजेडी) – इस बंगले में रहने के बाद दोबारा मंत्री नहीं बन सके।
    • मदन मोहन झा (कांग्रेस) – आवास मिलने के बाद राजनीतिक ग्राफ नीचे गिरा।
    • शमीम अहमद (आरजेडी) – मंत्री पद से हटने के बाद करियर प्रभावित हुआ।
    • चंद्र मोहन राय (भाजपा) – पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, जो बाद में मुख्यधारा से दूर हुए।
    • विनोद नारायण झा (भाजपा) – इस बंगले में आने के बाद दोबारा मंत्री नहीं बन पाए।
    • रामसूरत राय (भाजपा) – पूर्व मंत्री, जिनका राजनीतिक सफर इस आवास के बाद सुस्त पड़ गया।

    इस बंगले के अंदर एक मजार भी है जो की बेहद ही पुराना है। वहीं, वहां रह रहे स्थानीय लोगों का मानना है कि यह बंगला शुभ नहीं है।

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