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    बांकीपुर उपचुनाव में हारकर भी खुश है RJD, प्रवक्ता ने कहा- भाजपा की हार का ज्यादा महत्व

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 10:29 PM (GMT+05:30)

    राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार को जीत से अधिक महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के गढ़ में मिली यह हार केंद ...और पढ़ें

    प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन। फाइल फोटो

    प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन। फाइल फोटो

    HighLights

    1. राजद ने बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार को महत्वपूर्ण बताया।

    2. प्रवक्ता ने इसे जनता के आक्रोश का प्रतिबिंब कहा।

    3. भाजपा ने अपने गढ़ में भी हारी, लगाए थे सारे संसाधन।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा है कि जीत किसकी हुई है वह उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना महत्वपूर्ण इस सीट पर भाजपा की करारी हार है।
    गगन ने कहा कि आम चुनाव या अन्य उपचुनावों से इतर बांकीपुर विधानसभा का उपचुनाव काफी अलग है।

    यह विधानसभा क्षेत्र भाजपा के लिए बिहार के 243 विधानसभा क्षेत्रों में सबसे सुरक्षित क्षेत्र माना जाता था। साथ हीं यहां से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार भारी मतों के अंतर से जीतते रहे थे। इस उपचुनाव में भाजपा ने अपनी सारी ताकत लगा रखी थी।

    उसके द्वारा अपने 40 स्टार प्रचारकों ,केन्द्रीय मंत्रियों, बिहार सरकार के सभी मंत्रियों, एनडीए के लगभग 100 सांसदों, बिहार विधानसभा और विधान परिषद के सभी सदस्यों के अलावा बिहार एवं अन्य राज्यों से बुलाए गए हजारों कार्यकर्ताओं को इस क्षेत्र में उतार दिया गया था।

    इसके बावजूद उसे मिली करारी हार ने यह साबित कर दिया है कि केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार के खिलाफ जनता में जबरदस्त आक्रोश है। दिल्ली, पटना सहित देश के अन्य हिस्सों में पिछले दिनों छात्र-नौजवानों का जो आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया था उसी का प्रतिबिम्ब बांकीपुर और दतिया ( मध्य प्रदेश) के इस उपचुनाव में दिखाई दिया है।

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    विपक्ष की निष्क्रियता और सत्तारूढ़ दल के प्रति लोगों की उदासीनता से हारी भाजपा : आनंद

    AICC सदस्य और वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद माधव ने कहा है कि बांकीपुर उप चुनाव में जन सुराज पार्टी की विजय का मुख्यतः दो कारण हैं। स्थापित विपक्षी दलों की निष्क्रियता एवं सत्तारूढ़ दल के प्रति जनता की उदासीनता।

    आनंद माधव के साथ छत्रपति यादव, राजकुमार राजन, प्रद्युम्न यादव, वसी अख़्तर एवं रमेश कुमार सिंह ने कहा कि बिहार कांग्रेस एवं राजद जनता में अपना विश्वास खो चुके हैं। इनमें से कोई भी जमीन पर काम नहीं कर रहे और ना ही सदन में अपनी सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं।

    दूसरी ओर भाजपा के कुशासन से बिहार की जनता उबरना चाहती है। जबतक नीतीश कुमार थे लोगों में एक आश थी पर अब वह समाप्त हो चुकी है। राज्य भ्रष्टाचार एवं अपराधियों का अड्डा बन चुका है।

    विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं की उदासीनता भी जन सुराज के पक्ष में गई है। नेताओं ने कहा कि जन सुराज पार्टी को लोगों ने एक विकल्प के रूप में चुना है, एवं जनता को उनसे उम्मीद है।

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