प्रशांत किशोर की जन सुराज को RJD ने बताया BJP की 'B-टीम', मंत्री दीपक प्रकाश से मांगा इस्तीफा
राजद ने मंत्री दीपक प्रकाश के पद पर बने रहने को असंवैधानिक बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला दिया। पार्टी ने बांक ...और पढ़ें

प्रशांत किशोर की जन सुराज को RJD ने बताया BJP की 'B-टीम', मंत्री दीपक प्रकाश से मांगा इस्तीफा
HighLights
राजद ने मंत्री दीपक प्रकाश के पद को असंवैधानिक बताया।
भाजपा पर दीपक को बचाने के लिए देवेश को बलि चढ़ाने का आरोप।
बांकीपुर उपचुनाव में दो भाजपा से लड़ने का राजद का दावा।
राज्य ब्यूरो, पटना। राजद की बिहार इकाई के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव का कहना है कि मंत्री दीपक प्रकाश अवैध तरीके से पद पर बने हुए हैं। इस संदर्भ में जब उच्चतम न्यायालय ने पहली बार टिप्पणी की थी, तो भाजपा ने संवैधानिक मर्यादाओं को ताख पर रखा। दीपक को मंत्री बनाए रखा।
दूसरी बार टिप्पणी आने पर सत्ता प्रतिष्ठान को विवशता में सजग होना पड़ा। दीपक प्रकाश की बत्ती गुल न हो, इसके लिए भाजपा अब विधान पार्षद देवेश कुमार को बलि चढ़ा रही है, लेकिन दीपक का अभी पद पर रहना असंवैधानिक ही है।
राजद की मांग है कि विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनने तक दीपक या तो स्वयं मंत्री पद छोड़ दें या पदमुक्त किए जाएं।
राजद बोला, दो-दो भाजपा से लड़ना पड़ा, एक असली और दूसरा 'पोसुवा'
राजद की बिहार इकाई के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने शुक्रवार को कहा कि बांकीपुर के उप चुनाव में उनकी पार्टी को दो-दो भाजपा से लड़ना पड़ा। एक असली और दूसरा भाजपा का "पोसुवा"।
"पोसुवा" से उनका आशय जन सुराज पार्टी (जसुपा) और उसके सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) से है। इसी के साथ उन्होंने राजद के प्रभाव वाले क्षेत्रों में मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया।
शक्ति ने कहा कि मंदिरी, सब्जीबाग, बाकरगंज, लोदीपुर, करबिगहिया, गोरिया टोली, लोहानीपुर में लाठियां भांजी गईं। ऐसा राजद को रोकने के लिए हुआ। प्रपंच हुआ और अफवाह फैलाई गई, फिर भी राजद के मतदाता नहीं डिगे।
मतदान के कम प्रतिशत पर उन्होंने चिंता जताई और भाजपा-जसुपा द्वारा मतदाताओं के बीच धन बांटने का आरोप लगाया। जसुपा को भाजपा की बी-टीम बताया।
प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद के अनुसार, नीतीश कुमार पहले ही बता चुके हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आग्रह पर उन्होंने पीके को जदयू का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था। विधानसभा के पिछले चुनाव में भाजपा के इशारे पर पीके की पार्टी मैदान में उतरी थी। यह मिलीभगत उजागर हो जाने के बाद अब भाजपा अनर्गल प्रलाप कर रही।