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    Swad Bihar Ka: जब अन्न बनता है उत्सव, पढ़िए बिहार के पारंपरिक व्यंजनों की अनोखी कहानियां

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 12:19 PM (GMT+05:30)

    Bihar Famous Food: यह लेख बिहार की समृद्ध पाक परंपराओं पर प्रकाश डालता है, जहां नई फसलें और त्योहार भोजन को उत्सव में बदल देते हैं। दैनिक जागरण 'स्वाद ...और पढ़ें

    दैनिक जागरण शुरू कर रहा है स्‍वाद बिहार का संपादकीय शृंखला।

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    संक्षेप में पढ़ें

    अश्व‍िनी, पटना। धान-गेहूं की लहलहाती फसलों के साथ ही जुड़े कई पर्व-त्योहार। नई फसल का आना एक उत्सव। हर्ष का वातावरण, घर-परिवार के साथ ही आस-पड़ोस, मित्र-शुभचिंतकों को भी न्योता।

    इनमें हैं पुरखों के बनाए नियम, परंपरा ऐसी कि अन्न में उत्सवी रंग उतर आएं जिससे जीवन है, ऊर्जा है, उसका स्वागत-सम्मान।

    बिहार के समाज ने इसे ग्रहण किया, आधुनिकता के चढ़ते रंगों के बीच वे परंपराएं आज भी वैसी ही हैं, इसका निर्वहन भी।

    स्‍वाद में परंपरा और आस्‍था भी 

    इसलिए ठेकुआ से लेकर तिल तिलौरी और सत्तू से खीर तक केवल खानपान नहीं, स्वयं को यहां की मिट्टी से जोड़‌ता हुआ एक माध्यम भी है।

    इस स्वाद में श्रद्धा भी है, भाव भी, अन्यथा देवों पर अर्पित करने के बद ही यह प्रसाद के रूप में ग्रहण नहीं किया जाता। छठ हो या सतुआन।

    विशेष अवसरों पर प्रसाद के रूप में मन को भिगोता हुआ। क्षेत्र विशेष में वहां के वातावरण जीवनशैली, कृषि आदि ने व्यंजनों को कई रूप दिए।

    Swad Bihar Ka

    हर पकवान के साथ जुड़े हैं रोचक क‍िस्‍से 

    इनके साथ रोचक किस्से भी हैं। लोक मान्यताएं भी हैं। कई व्यंजनों में उन कहानियों का स्वाद भी है। वैसे, जब बिहार के खानपान की बात होती है तो कहीं भी चले जाएं, लोग तुरंत बोल उठते हैं- लिट्टी चोखा।

    यह बिहार की विशेष पहचान तो है, पर बिहार केवल लिट्टी चोखा नहीं। इसके अंचलों में, गांव कस्बों, शहरों में ऐसे-ऐसे पकवान, व्यंजन हैं, जिसके बारे में हो सकता है पड़ोसी जिले के लोगों को भी पता नहीं।

    हर क्षेत्र की, हर जिले की विशिष्ट पहचान। उन व्यंजनों के बिना थाली अधूरी है। बिरंज हो या गुलगुला, खुरचन हो या दलसग्गा, खुरमा, कलई की रोटी से लेकर गुड़ के लड्डू। तिलकुट हो या अनरसा। अरुई के पत्ते की सब्जी हो या छौंका।

    दैनिक जागरण का व‍िशेष अभ‍ियान 

    Swad Bihar ka 1

    (इस क्‍यूआर कोड को स्‍कैन करें।)

    यहां के व्यंजनों की खुशबू, उसका स्वाद स्व में एक विशिष्ट पहचान समेटे हुए है। बिहार के इस स्वाद और उन व्यंजनों की विशेषता से परिचय कराने को दैनिक जागरण शुरू कर रहा है विशेष संपादकीय शृंखला 'स्‍वाद बिहार का'।

    इसमें बिहार के व्‍यंजनों का स्‍वाद होगा। मगध, मिथ‍िला, भोजपुर, अंग क्षेत्र से लेकर हर जगह की सुगंध। आपके क्षेत्र में भी ऐसे विशेष व्‍यंजन हैं तो उसके बारे में बता सकते हैं।

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