CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को तेजप्रताप यादव का बुलावा, कहा- बिहार में मजबूत जनांदोलन की आवश्यकता
तेजप्रताप यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके को बिहार आने का न्योता दिया है। उन्होंने दीपके से राज्य में मजबूत जनांदोलन खड़ा कर स ...और पढ़ें
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अभिजीत दीपके और तेजप्रताप यादव। फाइल फोटो
HighLights
तेजप्रताप ने CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को बिहार बुलाया।
सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ जनांदोलन का आह्वान किया।
NEET पेपर लीक आंदोलन की सफलता से प्रेरित कदम।
डिजिटल डेस्क, पटना। दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्रों के आंदोलन ने सरकार को झुका दिया है। नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों के 36 दिन के प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद विपक्षी दलों में खुशी का माहौल है। इस बीच जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेजप्रताप यादव ने CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को बिहार आने का न्यौता दिया है।
तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आज एक कड़े और मजबूत जनांदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने अभिजीत दीपके से आग्रह किया है कि वे बिहार आकर यहां की जनता की आवाज बनें और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का काम करें।
CJP के आंदोलन का समर्थन करेगी JJD
तेजप्रताप ने लिखा, "मैं कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से यह विशेष अपील करता हूं कि वे अविलंब बिहार की धरती पर आएं। बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आज एक कड़े और मजबूत जनांदोलन की आवश्यकता है।"
उन्होंने आगे लिखा, "मैं उनसे (Abhijeet Dipke) आग्रह करता हूं कि वे बिहार आकर यहां की जनता की आवाज बनें और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का काम करें। इस परिवर्तन की लड़ाई मैं और मेरी पार्टी जनशक्ति जनता दल और मेरे समर्थकों का पूर्ण और अटूट समर्थन उनके साथ रहेगा। बिहार के बेहतर भविष्य और जनहित के लिए जो भी कड़े कदम उठाने होंगे, उसमें हम कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।"
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विपक्ष को मिली संजीवनी
बता दें कि नीट पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ CJP का आंदोलन पूरे देश में फैल गया और बड़ी संख्या में युवाओं ने प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में बिहार के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सरकार पर दबाव बनाया। छात्रों के इस आंदोलन को विपक्षी दलों का समर्थन था और अब वो इस वर्ग को साधने में जुटे हुए हैं।