आंध्र प्रदेश में बंधक बनाकर कराया 'जानलेवा काम', पूर्णिया के 4 मजदूरों ने तोड़ा दम; 7 की हालत नाजुक
आंध्र प्रदेश की एक फैक्ट्री में बंधक बनाकर काम कराए गए पूर्णिया के चार मजदूरों की घर लौटने के बाद मौत हो गई है। कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से बीमार हैं, ...और पढ़ें

मृतक मजदूर अरविंद और कुंदन कुमार, बीमार मजदूर मो राजिक। फोटो जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
गौरव पंकज, कसबा(पूर्णिया)। कसबा प्रखंड के गुरही पंचायत अंतर्गत जीयनगंज गांव एवं नगर परिषद के वार्ड संख्या 12 के तारानगर मोहल्ला सहित कई गावों में गत एक सप्ताह के दौरान चार मजदूरों की मौत हो गई है।
इन सभी मजदूरों से आंध्रप्रदेश में बंधक बना स्वास्थ्य के लिए घातक कार्य कराया जाता रहा था। स्वजनों द्वारा बीमार अवस्था में येन-केन प्रकारेण उन्हें यहां तो लाया गया, लेकिन जान नहीं बच पायी।
पत्थर से टैल्क पाउडर बनाने का करते थे काम
एक वर्ष पूर्व दो दर्जन से अधिक युवा मजदूरों को आकर्षक वेतन का लालच दे कर जियनगंज गांव के लेबर ठेकेदार मु. जुनैद अपने साथ आंध्र प्रदेश के नेमाकल बोम्मनहल अनंतापुर स्थित आशीर्वाद मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में पत्थर से टैल्क पाउडर का बनाने के कार्य के लिए ले गया था।
पाउडर निर्माण के दौरान निकलने वाली धूल से सभी मजदूर धीरे धीरे बीमार होने लगे, जब मजदूरों ने काम करने से मना कर दिया और घर जाने की कोशिश करने लगे. तो उक्त ठेकेदार एवं फैक्ट्री के कर्मियों ने मजदूरों के साथ मारपीट कर जबरन एक वर्ष तक काम कराया।
जब ये सभी मजदूर गंभीर रूप से बीमार हो गये तो इनके स्वजनों द्वारा मजदूरों को अपने खर्च से अपने अपने घर लाया गया। इसमें चार मजदूरों की अब तक मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन अन्य मजदूरों की हालत गंभीर है।
मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा
मंगलवार को कसबा प्रखंड के जियनगंज गांव निवासी बीमार मजदूर 22 वर्षीय मु. मसद पिता मुश्ताक आलम की मौत हो गई। मु मसद की मौत से चार दिन पूर्व ही सर्रा बथना निवासी 18 वर्षीय अरविंद कुमार ऋषि, नगर परिषद कसबा के वार्ड संख्या 12 तारानगर मोहल्ला निवासी कुंदन कुमार एवं जियनगंज गांव के ही निवासी मो मुस्तफा सहित एक अन्य बीमार मजदूर की मौत हो चुकी है।
खबरें और भी
मंगलवार को जब बीमार मजदूर मु. मसद की मौत हो गई तो आक्रोशित स्वजनों ने स्थानीय ठेकेदार मु जुनैद के घर पहुंच कर मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। घटना की सूचना कसबा पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही कसबा थाना पुलिस मौके पर पहुंच कर शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया। आरोपित ठेकेदार अभी फरार है।
मजदूरों ने कहा- काम नहीं करने पर की जाती थी पिटाई
अपनी जान बचाकर मौत की फैक्ट्री से घर पहुंचे तारानगर मोहल्ला निवासी बीमार मजदूर गांगुली कुमार, जियनगंज गांव निवासी बीमार मजदूर सितेश कुमार ऋषि एवं विक्रम कुमार ऋषि ने अपने आप बीती बताते हुए कहा कि जियनगंज गांव निवासी मु जुनैद ने यह कह कर आंध्र प्रदेश ले गया कि वहां कम परिश्रम तथा ज्यादा वेतन वाली नौकरी दिलवा देगा।
जब वह वहां पहुंचे तो ठेकेदार ने उन्हें आशीर्वाद मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में पत्थर से बनाए जा रहे टैल्क पाउडर के कार्य में लगा दिया। पत्थर से पाउडर निर्माण के दौरान धूल से बचाव के लिए फैक्ट्री मालिक ने कोई विशेष सुरक्षा उपकरण नहीं दिया।
कुछ ही दिनों बाद हम लोग बीमार पड़ने लगे। जब ठेकेदार से घर जाने की बात कहे तो ठेकेदार ने मारपीट कर जबरन 12-12 घंटे कराने लगा। जब एक साथ कई मजदूर बीमार पड़ गए तो स्वजनों को सूचना दी गई।
उनके स्वजनों द्वारा किसी तरह फैक्ट्री से मजदूरों को घर लाया। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसबा एवं अन्य निजी अस्पतालों में बीमार मजदूरों का इलाज चल रहा है। ठेकेदार जुनैद के द्वारा कई मजदूरों की मजदूरी भी रोक कर रखी गई है।
बीमार मजदूरों में सात की हालत नाजुक
मजदूरों के लिए मौत की फैक्ट्री बने आंध्र प्रदेश के आशीर्वाद मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री से वापस लौटे बीमार दो दर्जन मजदूरों में से जहां अब तक चार मजदूरों की मौत हो गई है।
वहीं सात की स्थिति काफी गंभीर है। जियनगंज गांव निवासी मजदूर 18 वर्षीय मु. राजिक, 20 वर्षीय श्रवण ऋषि, रंजीत कुमार ऋषि, सीतेश कुमार ऋषि, विक्रम कुमार ऋषि, दानिश आलम एवं तारानगर मोहल्ला निवासी गांगुली कुमार की हालत नाजुक बताई जा रही है।
इसमें मु. दानिश का इलाज पटना एम्स में चल रहा है, जबकि श्रवण कुमार का इलाज जीएमसीएच में हो रहा है। वहीं अन्य मजदूरों का इलाज घर में ही रख कर किया जा रहा है।
उनकी जान आक्सीजन सिलेंडर पर ही टिकी हुई है। बीमार मजदूरों के स्वजनों ने बताया कि इलाज के लिए काफी रुपये खर्च हो चुके है अब तो जमीन व मवेशी बेच कर बच्चों का इलाज करा रहे हैं।
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष?
मामले को लेकर कसबा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन ने बताया कि सूचना के बाद मृतक मजदूर के शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णियां मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। मृतक मजदूर के स्वजनों द्वारा अबतक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
आरोपित ठेकेदार ने आरोप को बताया बेबुनियाद
मामले को लेकर जब आरोपित ठेकेदार मु. जुनैद से दूरभाष के माध्यम पूछा गया तो उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। वे खुद ही फैक्ट्री में काम करता था। उन्होंने अपने ऊपर लगाए आरोपों को बेबुनियाद बताया।