पूर्णिया में तेंदुए की दस्तक से दहशत: मिल्की में रात को घूमते हुए दिखे, ड्रोन और पिंजड़े के साथ वन विभाग मुस्तैद
पूर्णिया शहर के कृष्णानगर में एक जोड़ी तेंदुआ देखे जाने के दावे के बाद वन विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है, पिंजड़े लगाए हैं और ड्र ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
पूर्णिया के कृष्णानगर में दो तेंदुए देखे जाने का दावा।
वन विभाग ने पिंजड़े लगाए, ड्रोन से निगरानी बढ़ा दी।
स्थानीय लोगों में दहशत, रात में घरों में कैद।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। पहले जिले के रुपौली में एक तेंदुआ के मारे जाने व फिर बनमनखी में भटकर तेंदुआ के पहुंचने की घटना के बाद अब शहरी क्षेत्र में एक जोड़ी तेंदुआ देखे जाने का दावा किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र में तेंदुआ के प्रवेश की आशंका को लेकर वन विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
मरंगा थाना क्षेत्र के मिल्की वार्ड 10 अंतर्गत कृष्णानगर मोहल्ले में तेंदुआ को देखने की सूचना पर वहां वन विभाग की टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है। साथ ही तेंदुए को फंसाने के लिए पिंजड़ा भी लगा दिया गया है।
इसी तरह ड्रोन कैमरे की मदद से तेंदुए की तलाश की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कब्रिस्तान परिसर के आसपास देर रात को अक्सर दो तेंदुआ घूमता नजर आता है। इससे लोगों में दहशत का भी माहौल है। शाम ढलते ही लोग घरों में कैद हो जाते हैं।
मिल्की वार्ड 10 के निवासी निवास कुमार, मु शहंशाह व मु. वाहिद अहमद आदि ने बताया कि वे लोग गत एक सप्ताह से कब्रिस्तान के पास दो तेंदुआ को कभी-कभी देखते हैं। सड़क पार करते भी तेंदुआ को देखा गया है।
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मु. वाहिद अहमद ने बताया कि उसने 27 जुलाई की रात उसने खुद एक तेंदुआ को देखा था। इसकी सूचना वन विभाग को देने के बाद तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि तेंदुआ के डर से रात में वे लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। मिल्की जैसे रिहायशी इलाके में तेंदुआ के प्रवेश से शहर के अन्य माेहल्लों के लोग भी चौकन्ने हो गए हैं।
मोहल्ले के आसपास झाड़ियों में चल रहा सर्च अभियान
मिल्की वार्ड 10 के कृष्णा नगर में तेंदुआ देखे जाने की सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी और कर्मी सक्रिय हो गए हैं। जंगल और झाड़ियों में तेंदुआ की तलाश की जा रही है। वन कर्मी ट्रेंकुलाइजर गन के साथ तेंदुआ को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
डीएफओ राजीव रंजन ने बताया कि गत पांच दिन से तेंदुआ देखे जाने की सूचना स्थानीय लोगों से मिल रही है। वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मियों द्वारा ट्रेंकुलाइजर गन के साथ सर्च अभियान चलाया गया।
अब तक की जांच में स्पष्ट प्रमाण नहीं मिल पाया है। इसके बावजूद तेंदुआ को पकड़ने के लिए कब्रिस्तान परिसर एवं आसपास दो जगह पिंजड़ा लगाया गया है। ड्रोन कैमरे का द्वारा भी निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कब्रिस्तान परिसर एवं आसपास जंगल और झाड़ी वाले जगहों पर विशेष निगरानी की जा रही है।
डीएफओ ने बताया कि तेंदुआ अगर एक सप्ताह से देखा जा रहा है तो पशुओं को मारकर खाने और शेष अवशेष अब तक जरुर मिलते। अभी तक किसी के घर की बकरी, गाय आदि पशु पर हमले की सूचना नहीं मिली है।उन्होंने लोगों से अपील किया है कि पशु के मारे जाने या उसके अवशेष मिलने पर इसकी तुरंत सूचना वन विभाग को दें।उन्होंने यह भी अपील किया है कि अंधेरा होने के बाद घर से अकेले बाहर नहीं निकले।
सन 2017 में गुलाबबाग में घुसा था तेंदुआ
गत एक दशक में शहर में तेंदुआ के प्रवेश की यह दूसरी घटना है। सन 2017 में भी नेपाल से भटक कर एक तेंदुआ शहर के गुलाबबाग में प्रवेश कर गया था। उस दौरान वन विभाग व पुलिस प्रशासन के अथक प्रयास से उक्त तेंदुआ को बेहोश कर पकड़ा गया था और फिर जंगल में छोड़ दिया गया था।
इधर हाल में जिले के रुपौली प्रखंड क्षेत्र में भटककर पहुंचे एक तेंदुआ को स्थानीय लोगों ने उसे पीट पीटकर मार डाला था। इस मामले में अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। घटना के कुछ दिन बाद वहां एक और तेंदुआ की मौजूदगी की सूचना मिली थी।
इसके बाद वन विभाग की ओर से उस इलाके में सर्च अभियान चलाया गया था, लेकिन दूसरा तेंदुआ पकड़ में नहीं आ पाया था। कुछ दिन पूर्व बनमनखी में भी एक तेंदुआ भटक कर पहुंच गया था, वह भी वन विभाग की पकड़ में नहीं आ पाया था।