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    बिहारीगंज-बीरपुर रेल लाइन कोसी-सीमांचल के 4 करोड़ लोगों की बनेगी जीवनरेखा, पप्पू यादव बोले- सपना होगा साकार

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 07:34 PM (IST)

    पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहारीगंज-बीरपुर नई रेल लाइन परियोजना को कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। ...और पढ़ें

    पूर्णिया सांसद पप्पू यादव। (फाइल फोटो)

    पूर्णिया सांसद पप्पू यादव। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. पप्पू यादव ने बिहारीगंज-बीरपुर रेल लाइन को ऐतिहासिक बताया।

    2. यह परियोजना कोसी-सीमांचल क्षेत्र के विकास को गति देगी।

    3. लगभग 92 किमी लंबी रेल लाइन से कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

    जागरण संवाददाता, पूर्णिया। कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बहुप्रतीक्षित बिहारीगंज-बीरपुर नई रेल लाइन परियोजना को लेकर सकारात्मक पहल सामने आने के बाद पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।

    उन्होंने कहा कि इस रेल परियोजना के लिए उन्होंने पहली बार वर्ष 1991 में आवाज उठाई थी और अब लगभग 35 वर्षों बाद इस सपने को साकार होते देखने का अवसर मिल रहा है।

    सांसद ने कहा कि यह केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक प्रगति का नया मार्ग है।

    सांसद पप्पू यादव ने बताया कि रेल मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के लिए स्वीकृत 29 नई रेल लाइन परियोजनाओं के बीच बिहारीगंज वाया बनमनखी, मुरलीगंज, खुर्दा, त्रिवेणीगंज, जदिया, छातापुर, प्रतापगंज होते हुए भीमनगर-बीरपुर तक प्रस्तावित लगभग 92 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।

    उन्होंने कहा कि इस परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पूर्व में पूरा किया जा चुका है, लेकिन वर्षों तक आवश्यक कार्रवाई नहीं होने से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

    जीवनरेखा साबित हो सकती है रेल लाइन

    सांसद ने लगातार रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के समक्ष इस परियोजना को प्राथमिकता देने की मांग रखी, क्योंकि यह रेल लाइन कोसी-सीमांचल के चार करोड़ से अधिक लोगों के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है।

    उन्होंने कहा कि 9 दिसंबर 2024 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे गए पत्र में उन्होंने पूर्णिया, बनमनखी, बिहारीगंज, मुरलीगंज, जानकीनगर और आसपास के क्षेत्रों की रेल जरूरतों को प्रमुखता से उठाया था।

    इसके बाद 29 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली में रेल मंत्री से मुलाकात कर लंबित रेल परियोजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति और नई परियोजनाओं की मंजूरी की मांग की गई। जनवरी 2025 में समस्तीपुर मंडल सांसद समिति की बैठक तथा अप्रैल 2026 में।

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    रेल कनेक्टिविटी होगी मजबूत

    सांसद ने कहा कि बिहारीगंज-बीरपुर रेल लाइन बनने से सुपौल, सहरसा, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज सहित पूरे कोसी-सीमांचल क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

    इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा सीमावर्ती इलाकों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों के सहयोग और लंबे संघर्ष का परिणाम अब सामने आ रहा है और वह इस परियोजना को धरातल पर उतारने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

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