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    Bihar Politics: दीपावली और छठ के बहाने PK ने चली नई चाल, मंच से कर दिया बड़ा एलान

    Updated: Mon, 08 Sep 2025 05:56 PM (IST)

    पूर्णिया में प्रशांत किशोर ने कहा कि नेताओं का चेहरा देखकर वोट देने से विकास नहीं होगा। उन्होंने वादा किया कि 2025 से 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ...और पढ़ें

    बिहार की बदहाली की आखिरी दीपावाली व छठ होगी: प्रशांत किशोर
    बिहार की बदहाली की आखिरी दीपावाली व छठ होगी: प्रशांत किशोर

    HighLights

    1. मोदी का चेहरा देखकर चायवाला बना पीएम
    2. 60 साल से अधिक को 2000 पेंशन
    3. गरीब बच्चों की निजी स्कूल फीस भरेगी सरकार

    जागरण संवाददाता, पूर्णिया। आपने मोदी का चेहरा देख कर वोट दिया तो चायवाला प्रधानमंत्री बन गया। नीतीश का चेहरा देखकर वोट दिया तो वैद्य का लड़का 20 साल से शासन कर रहा है। पीएम मोदी बिहार के लोगों का वोट लेकर और देश भर का पैसा लेकर अपने राज्य गुजरात में फैक्ट्री लगवा रहे हैं। आपके बच्चे गुजरात जाकर उन्हीं फैक्ट्रियों में 10-12 हजार रुपये के लिए मजदूरी कर रहे हैं। ये बातें जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपनी बिहार बदलाव यात्रा के तहत पूर्णिया के रूपौली नगर पंचायत के हाई स्कूल मैदान में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कही।

    उन्होंने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है। मैं पिछले 3 सालों से बिहार के गांव-गांव घूम रहा हूं। लोग कह रहे हैं कि 56 इंच सीना के लिए मोदी के लिए वोट दिएस लेकिन उनके अपने बच्चों का सीना 15 इंच का हो गया है। शरीर पर सूती कपड़ा या पैरों में चप्पल नहीं है, इसीलिए आपको अपने बच्चों की चिंता करनी है, कोई नेता आपके बच्चों की चिंता नहीं करेगा।

    प्रशांत किशोर ने जनता से अपील की कि इस बार उन्हें और उनके बच्चों को लूटने वाले नेताओं को वोट न दें। चाहे लालू हों, नीतीश हों या मोदी हों, इस बार नेताओं का चेहरा देखकर वोट न करें। इस बार अपने बच्चों के लिए वोट दें और बिहार में जनता का राज स्थापित करें। इस बार अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए वोट करें।

    प्रशांत किशोर ने पूर्णिया की जनता से किया बड़ा वादा

    प्रशांत किशोर ने जनता से बड़ा वादा करते हुए कहा कि दिसंबर 2025 से 60 साल से अधिक उम्र के हर पुरुष और महिला को 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। साथ ही जब तक सरकारी विद्यालयों में सुधार नहीं हो जाएगा, तब तक 15 साल से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने की फीस सरकार भरेगी, ताकि गरीब का बच्चा भी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ सके।

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    इसके अलावा, प्रशांत किशोर ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि इस साल बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली और छठ होगी। छठ के बाद रूपौली या पूर्णिया के युवाओं को 10-12 हजार रुपये की मजदूरी करने के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा। बिहार से बाहर गए ऐसे करीब 50 लाख युवाओं को वापस बुलाकर उन्हें यहीं 10-12 हजार रुपये का रोजगार दे दिया जाएगा।

    जनसभा को जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रूपौली की जनता ने पिछले करीब 25 साल तक एक ही विधायक देखा है। अब बदलाव की बारी है। इस बार आप अपने बच्चों के भविष्य के लिए वोट दें।

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