सावन की पहली सोमवारी पर रोहतास के गुप्ताधाम में आस्था का महासंगम; एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
सावन की पहली सोमवारी पर रोहतास के ऐतिहासिक गुप्ताधाम में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान गुप्तेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। सुरक्षा और सुविधाओं क ...और पढ़ें

गुप्ताधाम में लगी भक्तों की कतार। जागरण
HighLights
सावन की पहली सोमवारी पर एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।
गुप्तेश्वर नाथ महादेव के शिवलिंग पर किया गया जलाभिषेक।
सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए गए थे।
संवाद सूत्र, चेनारी (रोहतास)। सावन की पहली सोमवारी पर ऐतिहासिक गुप्ताधाम की पवित्र गुफा में स्थित गुप्तेश्वर नाथ महादेव के शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान गुप्तेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने पहुंचे। सुबह से ही गुफा के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही।
भीड़ अधिक होने के कारण कांवरियों को गुफा में प्रवेश करने में कुछ परेशानी हुई, हालांकि सुबह 10 बजे तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुरक्षित दर्शन कर जलाभिषेक कर चुके थे।
कुदरा-चेनारी-मल्हीपुर मार्ग तथा शिवसागर-चेनारी मार्ग से आने वाले श्रद्धालु उगहनी घाट और बेदा-आलमपुर होते हुए मां पनियारी घाट के पथरीले रास्ते से पैदल गुप्ताधाम पहुंचे।
वहीं दोपहिया वाहन से आने वाले श्रद्धालु दुर्गावती जलाशय परियोजना के वन मार्ग से होकर धाम पहुंचे। श्रद्धालु गुफा से कुछ दूरी पर स्थित सीता कुंड में स्नान करने के बाद भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

सुरक्षा और सुविधाओं के रहे विशेष इंतजाम
पूरे क्षेत्र में 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से कैमूर की वादियां गूंज उठीं। गुप्ताधाम जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पुलिस प्रशासन और गुप्ताधाम विकास समिति के सदस्य श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने में जुटे रहे। भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा।
गुप्ताधाम विकास समिति के अध्यक्ष गोपाल खरवार ने बताया कि इस वर्ष जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए खोया-पाया केंद्र बनाया गया है। गुफा के अंदर और बाहर 15 केवीए जनरेटर से प्रकाश की व्यवस्था की गई है।
गुफा के भीतर मैट बिछाए गए हैं तथा ऑक्सीजन सिलेंडर की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मेडिकल टीम, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भस्मासुर से जुड़ी है गुप्ताधाम की पौराणिक मान्यता
पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव ने भस्मासुर की तपस्या से प्रसन्न होकर उसे यह वरदान दिया था कि वह जिसके सिर पर हाथ रखेगा, वह भस्म हो जाएगा।
वरदान मिलने के बाद भस्मासुर स्वयं भगवान शिव के पीछे पड़ गया और उनके सिर पर हाथ रखने का प्रयास करने लगा। तब भगवान शिव इस गुफा के गुप्त स्थान में आकर छिप गए।
बाद में भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर भस्मासुर का अंत किया। इसके बाद भगवान शिव गुफा से बाहर निकले। तभी से इस स्थान का नाम गुप्ताधाम पड़ा।
गुप्ताधाम में बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर वर्ष जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
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