प्रिंस यादव का सहरसा में कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार, रौशन आनंद के साथ भारी जनसैलाब रहा मौजूद
सहरसा के धमसेना गांव निवासी प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया ...और पढ़ें
-1781544225478_m.webp)
अंतिम संस्कार के दौरान जनसैलाब। फोटो जागरण
HighLights
प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर में संदिग्ध मौत।
भाई रोशन आनंद ने निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग की।
अंतिम संस्कार में प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद।
संवाद सूत्र, बैजनाथपुर (सहरसा)। सौरबाजार थाना क्षेत्र की सहुरिया पश्चिमी पंचायत के धमसेना गांव निवासी प्रिंस यादव (28 वर्ष) की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया तथा पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पटना में एक कोचिंग संस्थान से जुड़े विवादित मामले में ज्ञान बिंदु अकादमी के निदेशक रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया गया था।

इसी कारण वह अपने एक मित्र के साथ नेपाल चले गए थे। बताया जाता है कि शनिवार की रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मौत की सूचना मिलने पर रविवार की सुबह परिजन नेपाल पहुंचे। नेपाल प्रशासन की देखरेख में पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद शव को एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव धमसेना लाया गया।
प्रशासन की टीम रही मौजूद
इधर, रोशन आनंद को पटना से जमानत मिलने के बाद वह भी गांव पहुंचे और अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता बरती गई।
सदर एसडीओ श्रेयांश तिवारी, सदर एसडीपीओ आलोक कुमार, बीडीओ आशा कुमारी, अंचल अधिकारी विद्या चरण, राजस्व अधिकारी तोषण कुमार सहित पुलिस बल तैनात रहे।

प्रिंस यादव के निधन पर सहरसा सदर विधायक आईपी गुप्ता, महिषी विधायक डॉ. गौतम कृष्णा, पूर्व विधायक डॉ. आलोक रंजन,जिला परिषद प्रतिनिधि अमर यादव, राजद नेता रणजीत यादव सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
वहीं, रोशन आनंद ने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है और वह अपने भाई की मौत की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि वे छात्रों के हित में पहले की तरह समर्पित रहेंगे तथा न्याय के लिए लोगों से सहयोग की अपील करते हैं।