Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार में सरकारी कॉलेज के छात्रों का कमाल! बनाई मोबाइल से चलने वाली स्मार्ट व्हीलचेयर, दूर से हो जाएगी कंट्रोल

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 03:52 AM (IST)

    सरायरंजन के इंजीनियरिंग छात्रों ने दिव्यांगों और वृद्धजनों के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित स्मार्ट व्हीलचेयर विकसित की है। यह स्मार्टफोन से नियं ...और पढ़ें

    स्मार्ट व्हीलचेयर का प्रदर्शन करते छात्र। फोटो जागरण

    स्मार्ट व्हीलचेयर का प्रदर्शन करते छात्र। फोटो जागरण

    HighLights

    1. आईओटी आधारित स्मार्ट व्हीलचेयर का विकास।

    2. दिव्यांगों और वृद्धजनों के लिए सुरक्षित गतिशीलता।

    3. स्मार्टफोन से नियंत्रित, किफायती एवं सुलभ समाधान।

    संवाद सहयोगी, सरायरंजन। प्रखंड के नरघोघी स्थित सरकारी अभियंत्रण महाविद्यालय के विद्युत अभियंत्रण विभाग के अंतिम वर्ष के छात्रों ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित स्मार्ट व्हीलचेयर विकसित कर तकनीकी नवाचार और सामाजिक सरोकार का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    यह परियोजना दिव्यांगजनों, वृद्धजनों तथा सीमित शारीरिक क्षमता वाले लोगों को सुरक्षित, सुलभ और किफायती गतिशीलता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

    छात्रों ने एक सामान्य मैनुअल व्हीलचेयर को आधुनिक एम्बेडेड सिस्टम और आईओटी तकनीक की मदद से स्मार्ट इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर में परिवर्तित किया है।

    76401611 (1)

    इस प्रणाली का संचालन ईएसपी-32 माइक्रोकंट्रोलर के माध्यम से किया जाता है, जिसमें वाई-फाई और ब्लूटूथ आधारित वायरलेस संचार की सुविधा उपलब्ध है।

    व्हीलचेयर के पहियों से जुड़े डीसी मोटरों को बीटीएस-7960 हाई-पावर मोटर ड्राइवर मॉड्यूल द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जिससे दिशा और गति पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाता है।

    स्मार्टफोन से चलेगी व्हीलचेयर

    परियोजना की विशेषता यह है कि उपयोगकर्ता अपने स्मार्टफोन के माध्यम से व्हीलचेयर को दूरस्थ रूप से संचालित कर सकता है। मोबाइल एप्लिकेशन से प्राप्त निर्देशों के आधार पर यह व्हीलचेयर आगे, पीछे, दाएं और बाएं दिशा में आसानी से संचालित होती है।

    रिचार्जेबल बैटरी से संचालित यह प्रणाली ऊर्जा दक्ष होने के साथ-साथ कम लागत वाली भी है, जिससे यह आम लोगों की पहुंच में आ सकती है। इस परियोजना का निर्माण छात्रों सौरव कुमार शर्मा, संदीप कुमार, अंगराज कुमार, रूपेश कुमार और राहुल कुमार ने किया है।

    परियोजना का मार्गदर्शन विद्युत अभियंत्रण विभाग के सहायक प्राध्यापक प्रो. शिवा राम कृष्ण ने किया। विभागाध्यक्ष प्रो. कुमार सागर ने छात्रों की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाएं तकनीकी शिक्षा को सामाजिक आवश्यकताओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

    खबरें और भी

    IOT सुविधाओं से लैस, अभी और जुड़ेंगी सुविधाएं 

    महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. दीपक कुमार मंडल ने इसे आत्मनिर्भर भारत और समावेशी तकनीकी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए छात्रों एवं मार्गदर्शक शिक्षक को बधाई दी।

    परियोजना का मूल्यांकन बाह्य परीक्षक प्रो. अजनीश कुमार, विभागाध्यक्ष, विद्युत अभियंत्रण विभाग, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, लखीसराय ने किया।

    उन्होंने इसकी तकनीकी गुणवत्ता, व्यावहारिक उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं की प्रशंसा करते हुए इसे उत्कृष्ट छात्र नवाचार बताया।

    छात्रों ने बताया कि भविष्य में स्मार्ट व्हीलचेयर में आब्स्टेकल डिटेक्शन, वॉयस कंट्रोल, जीपीएस ट्रैकिंग, स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली तथा अन्य उन्नत आईओटी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। अंतिम वर्ष की परियोजना प्रस्तुति के दौरान प्रदर्शित इस नवाचार को शिक्षकों, विद्यार्थियों और परीक्षकों से भरपूर सराहना मिली।

    यह भी पढ़ें- बिहार में आज से महंगा हुआ बस का सफर, ऑटो और ई-रिक्शा का भी बढ़ेगा किराया; मुजफ्फरपुर स्टैंड की नई रेट लिस्ट 

    यह भी पढ़ें- पहले पागल कहते थे, अब सीखने आते हैं; मुजफ्फरपुर के किसान ने मनवाया नेचुरल फार्मिंग का लोहा, बने मास्टर ट्रेनर