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    मखाना की खेती से पूसा के किसानों की बदलेगी तस्वीर, कृषि वैज्ञानिक दे रहे नई तकनीक की ट्रेनिंग

    Updated: Mon, 20 Apr 2026 04:32 PM (IST)

    डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली ने कैजिया बिष्णुपुर गांव में मखाना की उन्नत किस्म 'स्वर्ण वैदेही' ...और पढ़ें

    मखाना उत्पादन से संवरेगी किसानों की किस्मत। फाइल फोटो

    मखाना उत्पादन से संवरेगी किसानों की किस्मत। फाइल फोटो

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    संवाद सहयोगी, पूसा (समस्तीपुर)। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मखाना अनुसंधान एवं विकास उत्कृष्टता केंद्र के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र (KV) बिरौली द्वारा प्रखंड के कैजिया बिष्णुपुर गांव में किसानों के खेतों पर मखाना का अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    इसका उद्देश्य क्षेत्र में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देना तथा किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से इसकी खेती के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम के तहत किसान अविनाश कुमार, चंद्रवदन मिश्रा, उदय शंकर सिंह, रविंद्र सिंह, विवेक कुमार सिंह के लगभग एक हेक्टेयर खेत में मखाना की उन्नत किस्म ''स्वर्ण वैदेही'' की रोपाई कराई गई।

    इस दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के तरीके बताए। प्रत्यक्षण स्थल पर मौजूद पूसा विवि के डीन पीजीसीए डॉ. मयंक राय ने कहा कि समस्तीपुर जिले सहित इस क्षेत्र में मखाना खेती की अपार संभावनाएं हैं।

    किसानों को दी जा रही जानकारी 

    निदेशक अनुसंधान डॉ. एके सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को उन्नत प्रभेद, जल प्रबंधन, बुआई, कटाई एवं प्रसंस्करण से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी दी जा रही है।

    निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आरके झा ने कहा कि किसानों के खेतों पर किए जा रहे इस प्रत्यक्षण से अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।

    मखाना उत्पादन एवं विकास उत्कृष्टता केंद्र की नोडल पदाधिकारी डॉ. पुष्पा सिंह ने कहा कि उच्च पोषण मूल्य के कारण मखाना आज सुपरफूड के रूप में तेजी से उभर रहा है, जिसकी मांग देश-विदेश में लगातार बढ़ रही है।

    केवीके प्रमुख डॉ. आरके तिवारी ने बताया कि अब मखाना की खेती सिर्फ तालाबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे निचले खेतों में भी सफलतापूर्वक उगाया जा रहा है।

    केवीके बिरौली के हेड डॉ. रविंद्र कुमार तिवारी एवं डॉ. धीरू कुमार तिवारी के नेतृत्व में यह प्रत्यक्षण कार्यक्रम अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में उद्यान विभागाध्यक्ष डा. उदित कुमार, विशेषज्ञ सुमित कुमार सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

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