समस्तीपुर को जाम से मिलेगी मुक्ति: 56 साल पुराने ओवरब्रिज की जगह बनेगा नया फोरलेन ROB, डीपीआर पर काम शुरू
समस्तीपुर में वर्षों पुरानी जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए पुराने ओवरब्रिज की जगह नया फोरलेन आरओबी बनाने की पहल शुरू हो गई है। ...और पढ़ें
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वर्तमान आरओबी। फाइल फोटो
HighLights
समस्तीपुर में फोरलेन आरओबी बनाने की पहल शुरू हुई है।
पुराने 56 साल के ओवरब्रिज की जगह नया फोरलेन बनेगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने परियोजना पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। शहर की वर्षों पुरानी जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए समस्तीपुर रेलवे ओवरब्रिज को फोरलेन बनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। पुराने ओवरब्रिज की जगह पर नई फोरलेन आरओबी की मांग पर अब काम शुरू किया गया है।
उम्मीद है कि जल्द ही इस परियोजना को सरकार की मंजूरी मिल जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। वर्तमान में समस्तीपुर का टू-लेन भविष्य की बढ़ती यातायात आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम नहीं माना जा रहा है।
इसी को देखते हुए इसके पुनर्वास और फोरलेन आरओबी निर्माण की संभावना पर कार्य शुरू किया गया है। इसके लिए डीपीआर तैयार कराने हेतु कंसल्टेंट की नियुक्ति की गई है। वर्तमान समय में समस्तीपुर दरभंगा पथ पर बना पुराना ओवरब्रिज का निर्माण वर्ष 1970 में कराया गया था। अब, यह दशकों पुराना हो चुका है। इसकी हालत भी गंभीर बनी हुई थी।
इसके बाद में सरकार ने इसकी मरम्मत का कार्य शुरू किया है। इस समय यह मरम्मत का कार्य जारी है। वहीं, समय के साथ बढ़ते यातायात दबाव की वजह से इस पुल पर भार भी अधिक था। वाहनों की बढ़ती संख्या के हिसाब से यह वर्तमान समय में आवागमन के लिए अनुकूल नहीं मना जा रहा। इसके दोनों तरफ फोन लेन की सड़क है। जबकि, यह पुल केवल दो लेन की है।
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राज्यसभा सदस्य रामनाथ ठाकुर ने भी इस मुद्दे को केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाया था। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने और प्रस्ताव पर आगे बढ़ने का निर्देश दिया था।
बता दें कि शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए फोरलेन आरओबी की आवश्यकता महसूस की जा रही है। बताया कि डीपीआर तैयार होने के बाद तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो सकेगा। यदि यह परियोजना मंजूरी प्राप्त करती है, तो शहर में जाम की समस्या कम होने के साथ-साथ आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है।