विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

वैशाली एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें हाई-स्पीड सूची से बाहर, समस्तीपुर में स्पेशल अलाउंस से चूके रेलकर्मी

Published: Sat, 30 May 2026 04:28 PM (IST)

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी 155 हाई-स्पीड ट्रेनों की सूची में समस्तीपुर रेल मंडल की किसी भी ट्रेन को शामिल नहीं किया गया है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. समस्तीपुर मंडल की ट्रेनें हाई-स्पीड सूची से बाहर।

  2. रेलकर्मियों को विशेष भत्ते का लाभ नहीं मिलेगा।

  3. यात्रियों और कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त।

मनीष कुमार, समस्तीपुर। रेलवे बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी की गई 155 हाई-स्पीड ट्रेनों की देशव्यापी सूची में समस्तीपुर रेल मंडल की किसी भी ट्रेन को शामिल नहीं किया गया है।

21 मई को जारी इस सूची में देशभर की प्रमुख वंदे भारत, सुपरफास्ट और प्रीमियम श्रेणी की ट्रेनों को जगह दी गई है, लेकिन पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाला समस्तीपुर मंडल इस चयन से पूरी तरह बाहर रह गया।

इस निर्णय को लेकर क्षेत्र के रेल यात्रियों और रेलकर्मियों में निराशा और असंतोष का माहौल देखा जा रहा है। सूची से बाहर रहने के कारण समस्तीपुर मंडल से होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण और व्यस्त ट्रेनों को हाई-स्पीड श्रेणी का दर्जा नहीं मिल सका है।

इनमें ललितग्राम से खुलने वाली वैशाली एक्सप्रेस, दरभंगा से चलने वाली बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस, और जयनगर से संचालित होने वाली पवन एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं, जो लंबे समय से इस क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाती हैं।

इसके अलावा कई अन्य सुपरफास्ट/एक्सप्रेस ट्रेनें भी इस सूची से बाहर हैं, जिन पर प्रतिदिन हजारों यात्री निर्भर रहते हैं। रेलवे नियमों के अनुसार, हाई-स्पीड श्रेणी में शामिल ट्रेनों में कार्यरत लोको पायलट (एलपी), सहायक लोको पायलट (एएलपी) और ट्रेन मैनेजर (गार्ड) को विशेष भत्ता प्रदान किया जाता है।

विशेष भत्ता से चूके रेलकर्मी

यह भत्ता उनकी अतिरिक्त जिम्मेदारियों, अधिक रफ्तार और संचालन दबाव को देखते हुए दिया जाता है। लेकिन समस्तीपुर मंडल की ट्रेनों को सूची में जगह न मिलने के कारण यहां कार्यरत रेलकर्मी इस वित्तीय लाभ से वंचित रह जाएंगे।

रेल कर्मियों का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार और ट्रेनों की गति के बावजूद हाई-स्पीड सूची से बाहर रहना उनके लिए निराशाजनक है।

वहीं, स्थानीय यात्रियों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय प्रमुख ट्रेनों को भी इस श्रेणी में शामिल किया जाए तो न केवल संचालन व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि स्टाफ का मनोबल भी बढ़ेगा।

यह भी पढ़ें- सीता की धरती से मोक्ष नगरी का जुड़ेगा नाता! सीतामढ़ी से गयाजी के लिए नमो भारत ट्रेन चलाने की मांग

हाई-स्पीड ट्रेनों की सूची में मंडल की प्रमुख ट्रेनों को शामिल नहीं किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। इससे न केवल क्षेत्रीय ट्रेनों की उपेक्षा हुई है, बल्कि लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और गार्ड जैसे रेलकर्मियों के आर्थिक हितों पर भी सीधा असर पड़ा है।

-

संजीव मिश्रा, मंडल मंत्री, ईसीआरईयू

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।